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डॉक्टर पर हमले के मामले में दर्ज हुए बयान, छावनी बना कचहरी परिसर

देवबंद कोर्ट में कुख्यात गैंगस्टर नीरज बवाना की पेशी

सहारनपुर जिले के देवबंद स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) में शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर के सबसे खूंखार और कुख्यात गैंगस्टर्स में शुमार नीरज बवाना को भारी सुरक्षा के बीच पेशी पर लाया गया। बवाना की कोर्ट में मौजूदगी को देखते हुए पुलिस बलों ने मोर्चा संभाल लिया।चप्पे-चप्पे पर हथियारों से लैस पुलिसकर्मियों की तैनाती के कारण पूरा कचहरी परिसर किसी अभेद्य किले और छावनी में तब्दील नजर आया।
दिल्ली की हाई-सिक्योरिटी तिहाड़ जेल में अप्रैल 2015 से लगातार बंद नीरज बवाना को सुबह करीब 11 बजे कड़े सुरक्षा घेरे में देवबंद कोर्ट लाया गया। उसे सीधे अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवेंद्र नाथ सिंह की अदालत में पेश किया गया। कोर्ट रूम के भीतर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख्त थी कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को आस-पास फटकने तक की अनुमति नहीं दी गई।

क्या है देवबंद का यह पूरा मामला?
यह पूरा मामला देवबंद के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. अनुज गोयल पर हुए जानलेवा हमले से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वर्ष 2016-17 में डॉ. गोयल पर अज्ञात बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी, जिसमें एक गोली उनके पैर में लगी थी। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पुलिस ने जो मुकदमा दर्ज किया था, उसमें तफ्तीश के दौरान कुख्यात गैंगस्टर नीरज बवाना को भी साजिश रचने का आरोपी बनाया गया था। इसी मामले में शुक्रवार को नीरज बवाना के बयान दर्ज होने थे।
अदालत की कार्यवाही करीब एक घंटे तक चली, जिसमें से लगभग 20 मिनट तक बवाना के बयान दर्ज किए गए। इस दौरान नीरज बवाना और उसके वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर सुरेंद्र पाल सिंह ने अदालत के समक्ष अपना मजबूत पक्ष रखा।
अधिवक्ता सुरेंद्र पाल ने दलील दी कि जिस वक्त देवबंद में डॉक्टर पर फायरिंग की घटना हुई, उस समय उनका मुवक्किल दिल्ली की तिहाड़ जेल में ही बंद था। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस ने वास्तविक शूटरों और हमलावरों का पता लगाने के बजाय अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए नीरज बवाना को इस मामले में गलत तरीके से नामजद कर दिया। कोर्ट में बयान दर्ज कराते खुद को बेकसूर बताया और कहा कि उसका इस अपराध से कोई लेना-देना नहीं है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और बयान दर्ज करने के बाद माननीय न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख मुकर्रर कर दी है। कोर्ट की कार्यवाही संपन्न होते ही पुलिस टीम ने बिना कोई जोखिम लिए नीरज बवाना को दोबारा सुरक्षा घेरे में लिया और वापस दिल्ली की तिहाड़ जेल के लिए रवाना हो गई। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने बवाना की रवानगी के बाद ही राहत की सांस ली।
कौन है नीरज बवाना?
आपको बता दें कि दिल्ली के बवाना गाँव का रहने वाला नीरज बवाना अपराध की दुनिया का एक बड़ा सिंडिकेट चलाता है। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूटपाट और मकोका (MCOCA) जैसे संगीन अपराधों के 40 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। अप्रैल 2015 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से वह लगातार जेल में है, लेकिन जेल के भीतर से ही वह रंगदारी और अपने विरोधी गैंग्स (जैसे लॉरेंस बिश्नोई गैंग) के साथ गैंगवार को लेकर चर्चाओं में बना रहता है।

रिपोर्ट Naim.sagar

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