लद्दाख में पिछले साल हुई हिंसा की पहली बरसी पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें अपनी जान को लेकर धमकियां मिल रही हैं और आशंका जताई कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उनका ‘एनकाउंटर’ किया जा सकता है। यह बयान उन्होंने 24 सितंबर को लद्दाख में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिया।
वांगचुक ने पिछले साल लेह में हुई हिंसा और चार लोगों की मौत को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि इस घटना की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और न्यायिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।
वहीं, लद्दाख पुलिस ने वांगचुक के कुछ आरोपों को गलत और भ्रामक बताया है। पुलिस के मुताबिक, 24 सितंबर के कार्यक्रम में लोगों को शामिल होने से नहीं रोका गया था और सुरक्षा व्यवस्था यातायात एवं भीड़ प्रबंधन के लिए की गई थी।
लद्दाख में राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन जारी है। केंद्र सरकार ने मार्च 2026 में वांगचुक की NSA के तहत हिरासत रद्द करते हुए लद्दाख के मुद्दों पर संवाद जारी रखने की बात कही थी।






