लोकेशन – समस्तीपुर
रिपोर्ट – नवनीत कुमार झा
पैनल इंटरलॉकिंग की जगह लगेगी आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली, ‘कवच’ के कार्यान्वयन को भी मिलेगी मजबूती
रेलवे ने समस्तीपुर मंडल के 21 स्टेशनों पर सिग्नलिंग व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए 233 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इन स्टेशनों पर वर्तमान में कार्यरत पैनल इंटरलॉकिंग व्यवस्था को हटाकर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) प्रणाली स्थापित की जाएगी। रेलवे के अनुसार, इस कदम से सिग्नलिंग व्यवस्था अधिक आधुनिक और विश्वसनीय होने के साथ-साथ सुरक्षा एवं परिचालन दक्षता को भी मजबूती मिलेगी।
स्वीकृत योजना के तहत मधुबनी, अंगार घाट, बदला घाट, धमारा घाट, रुसेरा घाट, रामगढ़वा, भगवानपुर देसुआ, नरहन, नया नगर, राजनगर, सलौना, इमली, ओलापुर, कोपरिया, सिमरी बख्तियारपुर, सोनबरसा कचहरी, पंडौल, डॉ. श्रीकृष्ण सिंह नगर गढ़पुरा, बैजनाथपुर, बुधमा और मुरलीगंज स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की व्यवस्था की जाएगी।
कंप्यूटर आधारित होगी सिग्नलिंग व्यवस्था
इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग आधुनिक कंप्यूटर आधारित सिग्नलिंग प्रणाली है। इसके माध्यम से स्टेशन पर ट्रेनों के संचालन से संबंधित सिग्नल एवं रूट सेटिंग को अधिक सुरक्षित और प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जाता है। रेलवे का दावा है कि इससे प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ेगी, खराबियों को जल्द दूर करने में मदद मिलेगी तथा रखरखाव भी अपेक्षाकृत आसान होगा।
कवच के कार्यान्वयन में मिलेगी मदद
रेलवे की इस पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ के कार्यान्वयन से जुड़ा है। इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग जैसी आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था उपलब्ध होने से संबंधित स्टेशनों पर कवच से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना मजबूत होगी।
रेलवे के अनुसार, समस्तीपुर मंडल में सिग्नलिंग बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की यह योजना रेलवे नेटवर्क में सुरक्षा को मजबूत करने और ट्रेनों के परिचालन को अधिक दक्ष बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।






