अशोक कुमार श्रीवास की खास रिपोर्ट
जांजगीर-चांपा।
जिला जांजगीर-चांपा की तहसील चांपा अंतर्गत ग्राम पंचायत कपिस्दा स्थित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान क्रमांक 542005012 में गंभीर अनियमितता एवं भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। प्राप्त शिकायतों के अनुसार उक्त दुकान संचालक द्वारा मृत व्यक्तियों के नाम पर चावल आहरण किए जाने, ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण न करने, ओटीपी के माध्यम से अनियमित वितरण करने तथा हितग्राहियों के साथ अभद्र व्यवहार करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इस संबंध में शिकायतकर्ताओं द्वारा पूर्व में जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग को लिखित आवेदन प्रस्तुत किया जा चुका है, जिसमें श्रीमान कलेक्टर, जिला जांजगीर-चांपा एवं खाद्य अधिकारी, खाद्य विभाग चांपा को संज्ञान हेतु अवगत कराया गया था। साथ ही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) चांपा एवं खाद्य सुरक्षा निरीक्षक बम्हनीडीह को भी प्रतिलिपि प्रेषित की गई थी।
किन्तु आश्चर्यजनक रूप से अब तक न तो किसी प्रकार की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की गई है और न ही दोषियों के विरुद्ध कोई ठोस एवं दंडात्मक कार्यवाही की गई है। लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन, बम्हनीडीह के ब्लॉक प्रभारी उमाशंकर चन्द्रभाष ने कहा कि मृत व्यक्तियों के नाम पर खाद्यान्न आहरण करना सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नियमों एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। यह कृत्य गरीब एवं पात्र हितग्राहियों के अधिकारों का सीधा हनन है। यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो यह गंभीर आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है।
संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि—
संबंधित पीडीएस दुकान के स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजी एवं ऑनलाइन पोर्टल रिकॉर्ड की तत्काल जांच की जाए।
मृत व्यक्तियों के नाम पर किए गए आहरण की सूची सार्वजनिक की जाए।
दोषी पाए जाने पर संचालक के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
समस्त हितग्राहियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया की पारदर्शी पुनः जांच की जाए।
लगातार शिकायत मिलने के बावजूद भी जांच एवं कार्यवाही नहीं होने से प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर शासन-प्रशासन में बैठे कुछ पदाधिकारियों की मिलीभगत की आशंका व्यक्त की जा रही है। यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं होती है तो यह जनविश्वास के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जाएगा।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निष्पक्ष जांच एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की जाती है, तो संगठन ग्रामवासियों एवं शिकायतकर्ताओं के साथ शांतिपूर्ण आंदोलन एवं विरोध प्रदर्शन करने हेतु बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
संगठन ने जनहित में त्वरित एवं पारदर्शी कार्यवाही की मांग करते हुए कहा है कि गरीबों के हक पर डाका डालने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।







