छठ पर्व की खुशियों के बीच बिहार से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। राज्य के 30 जिलों में डूबने की घटनाओं में अब तक 108 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 लोग अभी भी लापता हैं। सबसे ज़्यादा हादसे पटना में हुए, जहां 13 लोग गंगा में डूब गए। नालंदा में 8 और वैशाली में 7 लोगों की जान चली गई। उत्तर बिहार के कई जिलों मधुबनी, दरभंगा, मोतिहारी और सीतामढ़ी में भी 22 से ज़्यादा लोगों की मौत ने पूरे प्रदेश को शोक में डाल दिया है।भागलपुर और आसपास के इलाकों में हालात और भी भयावह रहे। यहां जुड़वां भाइयों समेत 7 बच्चों की मौत से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। खगड़िया, मधेपुरा, बांका और पूर्णिया में भी कई लोग नदी में बह गए। लखीसराय में अर्घ्य देते वक्त एक युवक और अररिया में घाट बनाते समय एक 11 साल की बच्ची की जान चली गई। नालंदा जिले में तो दो दिनों में ही 8 लोगों ने अपनी जान गंवा दी, जिनमें एक ही परिवार के 3 लोग शामिल थे।पटना के कंकड़बाग इलाके की घटना ने हर किसी का दिल दहला दिया। छठ घाट पर पूजा के बाद दो किशोर प्रथम कुमार और धीरज कुमार —गंगा में डूब गए। घंटों की खोजबीन के बाद दोनों के शव बरामद किए गए। वहीं, मनेर इलाके से 2 युवकों के लापता होने की खबर ने चिंता और बढ़ा दी है। खुशियों के इस पर्व पर हुई ये घटनाएं पूरे बिहार को गम में डुबो गई हैं।






