लोकेशन – समस्तीपुर
रिपोर्ट – नवनीत कुमार झा
समस्तीपुर । रसूलपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के निरीक्षण के बाद प्रभारी सचिव, समस्तीपुर-सह-सचिव, भवन निर्माण विभाग प्रणव कुमार ने कंट्रोल रूम में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन राजेश सिंह समेत संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में बाढ़ से उत्पन्न होने वाली संभावित परिस्थितियों और उससे निपटने की प्रशासनिक तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
विस्थापन की स्थिति में तत्काल तैयार रहें आश्रय स्थल
प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि बाढ़ के कारण लोगों के विस्थापन की स्थिति उत्पन्न होने पर उन्हें बिना किसी देरी के सुरक्षित आश्रय स्थलों तक पहुंचाया जाए। आश्रय स्थलों पर पेयजल, शौचालय समेत सभी जरूरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रखने और कम्युनिटी किचन का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रभावित लोगों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।
संसाधन और मानव बल तैयार रखने का निर्देश
आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए उपलब्ध संसाधनों, मानव बल और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था की समीक्षा की गई। प्रभारी सचिव ने सभी आवश्यक संसाधनों को कार्यशील और तैयार अवस्था में रखने तथा आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
दवा और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर
बैठक में जीवनरक्षक एवं अन्य महत्वपूर्ण दवाओं के स्टॉक की भी समीक्षा की गई। सिविल सर्जन को आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं एवं मेडिकल टीम उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
पशुओं के चारे और दवाओं की भी व्यवस्था
पशुओं के लिए चारा एवं पशु चिकित्सा दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए पशुपालन पदाधिकारी को पर्याप्त स्टॉक रखने और आवश्यकता के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में चारा व दवाओं का वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
पॉलिथीन शीट का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश
बाढ़ प्रभावित एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए पॉलिथीन शीट की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जरूरतमंदों को समय पर पॉलिथीन शीट उपलब्ध कराई जाए और उपलब्ध स्टॉक का उचित प्रबंधन रखा जाए।
हर व्यवस्था की होगी स्पष्ट जवाबदेही
प्रभारी सचिव ने राहत एवं बचाव से जुड़े हर महत्वपूर्ण कार्य के लिए संबंधित पदाधिकारी की स्पष्ट जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने-अपने दायित्वों की नियमित समीक्षा करें और किसी भी स्तर पर कमी मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करें।
जलस्तर और तटबंधों पर लगातार नजर
अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन राजेश सिंह एवं बाढ़ प्रमंडल के अधिकारियों को जलस्तर पर लगातार नजर रखने तथा महत्वपूर्ण सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। संवेदनशील स्थलों और तटबंधों की लगातार निगरानी करने को भी कहा गया।
अनुमंडल पदाधिकारी को अनुमंडल स्तरीय कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार निगरानी रखने तथा जिला स्तर पर 24×7 संचालित जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) के माध्यम से बाढ़ की स्थिति की निरंतर मॉनिटरिंग और संबंधित विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन राजेश सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित एवं संभावित प्रभावित क्षेत्रों में माइकिंग के माध्यम से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को आवश्यक सावधानियों और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जा रही है।
प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आपदा की स्थिति में तत्परता, समन्वय और जवाबदेही के साथ कार्य करें। आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।









