बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट रहे अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के साथ हुई घटना ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। एक ब्राह्मण होने के नाते उन्होंने इसे अपने समाज और संतों का अपमान बताया। इस आक्रोश के बीच उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई, जिसमें वे यूजीसी के नए कानून के विरोध में पोस्टर लेकर खड़े नजर आए। इस्तीफे की खबर उनके बनाए व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए सबसे पहले फैली, जहां लोगों ने उनसे पद पर बने रहने और इस्तीफा देने—दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं दीं।
अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी के नए नियमों को छात्रों के भविष्य के लिए नुकसानदेह बताया और कहा कि इससे सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने समाज के जनप्रतिनिधियों से खुलकर विरोध करने की अपील की। कानपुर निवासी अलंकार अग्निहोत्री 2016 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं और 27 मई 2025 को बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट बने थे। उनका कहना है कि उन्होंने यह फैसला किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपने आत्मसम्मान और अंतरात्मा की आवाज सुनकर लिया है।






