Mon. Apr 19th, 2021

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गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का संदेश-कृषि कानूनों पर खुलकर बोले राष्ट्रपति…

नेशनल डेस्कः राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 72वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित करते हुए इतनी विशाल आबादी वाले हमारे देश को खाद्यान और डेयरी उत्पादों में आत्मनिर्भर बनाने वाले किसानों का सभी देशवासी  अभिनंदन करते हैं। विपरीत प्राकृतिक परिस्थितियों, अनेक चुनौतियों और कोविड की आपदा के बावजूद भी किसानों ने कृषि उत्पादन में कमी नहीं आने दी। उन्होंने कहा कि देश किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी सेनाओं के बहादुर जवान कठोरतम परिस्थितियों में देश की सीमाओं की सुरक्षा करते रहे हैं। लद्दाख में स्थित सियाचीन व गलवान घाटी में -50 डिग्री के तापमान में सबकुछ जमा देने वाले सर्दी से लेकर, जैसलमेर में 50 डिग्री के तापमान में झुलसा देने वाली गर्मी में धरती, आकाश और विशाल तटीय क्षेत्रों में हमारे सैनिक भारत की सुरक्षा का दायित्व हर पल निभाते हैं। सैनिकों की बहादुरी, देशप्रेम और बलिदान पर सभी देशवासियों को गर्व है।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे वैज्ञानिकों ने विकास के विभिन्न क्षेत्रों में अपने योगदान से राष्ट्रीय प्रयासों को शक्ति दी है। अंतरिक्ष से लेकर खेत खलिहानों तक शिक्षण संस्थानों से लेकर अस्पताल तक वैज्ञानिकों ने हमारे जीवन और कामकाज को बेहतर बनाया है। उन्होंने कहा कि दिन रात परिश्रम वैज्ञानिकों ने कोविड को डीकोड करके बहुत कम समय में ही वैक्सीन को वैक्सीन को विकसित करके पूरी मानवता के कल्याण हेतु एक नया इतिहास रचा है। देश में इस महामारी पर काबू पाने में तथा विकसित देशों की तुलना में मृत्युदर को सीमित रख पाने में भी डॉक्टरों, प्रशासन तथा अन्य लोगों के साथ मिलकर अमूल्य योगदान दिया है। हमारे देश के किसान, जवान और वैज्ञानिक बधाई के पात्र हैं।

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