नई दिल्ली: नीट पेपर लीक मामले को लेकर राजधानी दिल्ली में राजनीतिक हलचल लगातार तेज होती जा रही है। संसद के भीतर और बाहर विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने में जुटा है, जबकि छात्र संगठनों का प्रदर्शन भी जारी है।
मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में कई विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर से विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करने निकले। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए मार्च को आगे बढ़ने से रोका और राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया। कुछ समय बाद सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया।
उधर, जंतर-मंतर पर छात्र संगठनों का आंदोलन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर जवाबदेही से बच रही है, जबकि सरकार का कहना है कि मामले की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
नीट पेपर लीक का मुद्दा अब केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन चुका है। आने वाले दिनों में संसद और सड़क दोनों जगह इस मुद्दे पर टकराव और तेज होने की संभावना है।





