अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट
तिलकेजा//सहकारिता सप्ताह के प्रथम दिन आदिम जाति सेवा सहकारी समिति तिलकेजा, पंजीयन क्रमांक 300 के प्रांगण में गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सहकारी ध्वज फहराकर किया गया। इसके पश्चात समिति के उपविधियों का वाचन कर उपस्थित सदस्यों एवं ग्रामीणों को सहकारिता के सिद्धांतों, उद्देश्यों तथा समिति के कार्यों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सहकारिता का मूल उद्देश्य आपसी सहयोग, पारदर्शिता और सामूहिक विकास की भावना को मजबूत करना है। सहकारी समितियां किसानों, ग्रामीणों और आम नागरिकों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सहकारिता सप्ताह के दौरान विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सहकारी आंदोलन से जोड़ने और इसकी उपयोगिता से अवगत कराया जाएगा।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती तेरस बाई कंवर, पंच श्री देवमूरत कंवर, उरगा मंडल के अध्यक्ष श्री किशन साव, श्री निर्मल साव, श्री राम मनोहर सोनी, श्री मनीलाल हलवाई, श्री गंगाराम केवट, श्री कैलाश कौशिक, श्री लक्ष्मण उरांव, पूर्व समिति अध्यक्ष भैंसमा, श्री ओमप्रकाश बघेल, श्री लेखू राम केवट, श्री रविंद्र सोनी, श्री रामू जायसवाल, श्रीमती कृपा बाई जायसवाल, श्री दुर्गा जायसवाल, श्री महेंद्र पाल कंवर, श्री शिव खरे, श्री हरवंश कंवर, श्री अमित कश्यप, श्री प्यारेलाल कंवर, समिति के प्रबंधक श्री दुलीचंद धीवर, डाटा ऑपरेटर श्री दिनेश कुमार पटेल, श्री राकेश केवट, श्री सिरजू धीवर सहित समिति के सदस्य, किसान एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन सहकारिता के आदर्शों को अपनाते हुए समिति को और अधिक सशक्त एवं जनहितकारी बनाने के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने और किसानों तथा ग्रामीणों के हित में समिति की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।









