रिपोर्ट—रजत मल्होत्रा
संभल जिले में सरकारी राशन व्यवस्था को लेकर हुए बड़े सत्यापन में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शासन के निर्देश पर जिला आपूर्ति विभाग और तहसील स्तरीय समितियों ने सरकारी राशन कार्ड धारकों का 18 मानकों पर सत्यापन कराया।
जांच के दौरान करीब 47 हजार राशन कार्ड अपात्र पाए गए, जिन्हें निरस्त कर दिया गया है।मौसम अपडेट जांचें
सत्यापन में ऐसे लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जो आर्थिक रूप से संपन्न होने के बावजूद सरकारी राशन योजना का लाभ उठा रहे थे। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने अब अपात्र लाभार्थियों से सरकारी राशन की वसूली की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम अंकित खंडेलवाल ने सम्भल में फर्जी तरीके से राशन कार्ड बनवाए जाने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की सभी एंगल से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राशन कार्ड जारी कराने में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
47 हजार अपात्र कार्ड सामने आने के बाद जिला आपूर्ति विभाग भी एक्शन मोड में है। जिलेभर में सरकारी राशन की दुकानों पर जांच और रेड का सिलसिला जारी है। विभाग अब यह भी खंगाल रहा है कि अपात्र लोगों ने कितने समय तक सरकारी राशन का लाभ लिया और इसमें कहीं सिस्टम की मिलीभगत तो नहीं थी। इस कार्रवाई के बाद सरकारी राशन योजना में फर्जीवाड़ा करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।






