रिपोर्टर पप्पू लाल पंचोली
फूलियाकलां। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में कथित अनियमितताओं के मामले में निलंबित राशन डीलर रामदेव रेगर एक बार फिर चर्चा में है। राशन के गेहूं की हेराफेरी के आरोपों के बीच रसद विभाग ने डीलर के घर से बरामद 109.50 क्विंटल गेहूं जब्त कर अन्य उचित मूल्य दुकानदार को सुपुर्द किया है। वहीं पूरे मामले में विभागीय कार्रवाई की गति को लेकर ग्रामीणों में सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार प्रवर्तन निरीक्षक मीनाक्षी मीणा ने 30 मई 2026 को राशन डीलर रामदेव रेगर के गोदाम का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान स्टॉक में मात्र एक किलो गेहूं शेष पाया गया, जबकि लगभग 33.50 क्विंटल गेहूं अवैध रूप से रखा हुआ मिलने पर उसे जब्त कर अन्य राशन डीलर भागचंद माली को सुपुर्द कर दिया गया था। जांच के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि डीलर के घर में भी बड़ी मात्रा में गेहूं का अवैध भंडारण किया गया है। अधिकारियों के पहुंचने पर डीलर घर पर ताला लगाकर फरार हो गया।
मामले को गंभीर मानते हुए जिला रसद अधिकारी अमरेंद्र मिश्रा ने 4 जून को राशन डीलर का प्राधिकार पत्र संख्या 758/03 निलंबित कर दिया। इसके बावजूद आरोप है कि शुक्रवार को डीलर घर से गेहूं से भरी 407 ट्रक (आरजे14 जीएफ 0489) बाजार में बेचने के लिए रवाना करने का प्रयास कर रहा था। इसकी सूचना शिकायतकर्ता लालाराम रावण और ग्रामीणों को मिली, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर वाहन को रुकवाया तथा जिला रसद अधिकारी को सूचना दी।
सूचना पर फूलियाकलां पुलिस मौके पर पहुंची और गेहूं से भरे ट्रक को थाने में खड़ा करवाया। चार दिन बाद रसद विभाग ने ट्रक का वजन करवाया, जिसमें 109.50 क्विंटल गेहूं पाया गया। विभाग ने गेहूं को जब्त कर अन्य राशन डीलर भागचंद माली को सुपुर्द कर दिया तथा वाहन को थाने में ही खड़ा रखा गया है। मामले में संबंधित व्यक्तियों और डीलर के बयान दर्ज कर अग्रिम जांच के लिए प्रकरण अतिरिक्त जिला कलक्टर शाहपुरा को भेजा गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रक थाने में खड़े रहने के बावजूद चार दिनों तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आरोपित को अपने पक्ष में साक्ष्य जुटाने और फर्जी गवाह तैयार करने का अवसर मिला। इसको लेकर क्षेत्र में विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रवर्तन निरीक्षक मीनाक्षी मीणा ने बताया कि ट्रक का वजन करवाकर 109.50 क्विंटल गेहूं जब्त किया गया है तथा जांच रिपोर्ट अतिरिक्त जिला कलक्टर शाहपुरा को भेजी जाएगी। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।






