उत्तर प्रदेश में एक अदालत ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके एक शिष्य के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश एक शिकायत के आधार पर सुनवाई के बाद जारी किया गया।
मामले में आरोप नाबालिग से जुड़े होने के कारण अदालत ने पुलिस को संवेदनशीलता के साथ जांच करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट कहा कि ऐसे मामलों में देरी के बिना कानूनी प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।
उत्तर प्रदेश पुलिस अब अदालत के आदेश के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच की तैयारी में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी।
वहीं, इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। मामले को लेकर दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाओं का इंतजार है, जबकि जांच एजेंसियां सबूत जुटाने की प्रक्रिया में लगी हैं।
कानूनी शिकंजे में शंकराचार्यअविमुक्तेश्वरनंद पर कसता कानूनी शिकंजा FIR दर्ज करने के आदेश….





