जम्मू-कश्मीर इन दिनों कुदरत के कहर से जूझ रहा है। पिछले दो दिनों से लगातार बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने हालात बेहद खराब कर दिए हैं। सबसे डराने वाली बात ये है कि मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए फिर से भारी बारिश और बादल फटने की चेतावनी दी है। हालात को देखते हुए जम्मू डिवीजन के सभी स्कूल और सरकारी दफ्तर बंद कर दिए गए हैं।
बता दे की मंगलवार को माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन हुआ, जिसमें 30 श्रद्धालुओं की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए। इस हादसे ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं और परिवारों को दहला दिया। उधर, रेलवे ने हालात को देखते हुए जम्मू जाने वाली 22 ट्रेनों को रद्द और 27 ट्रेनों को रोक दिया है।

दरअसल जम्मू संभाग में बहने वाली तीन बड़ी नदियाँ तवी, बसंतर और चिनाब खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। लगातार हो रही बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया है और लोग घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट हो रहे हैं। जम्मू शहर में विक्रम चौक से तवी ब्रिज को जोड़ने वाली सड़क तक बह गई है, जिससे आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है।
राहत और बचाव कार्य तेज़ी से चल रहा है। सेना, NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन पूरी ताकत से मैदान में डटे हुए हैं। हेलीकॉप्टरों के जरिए फंसे हुए लोगों को निकाला जा रहा है। कठुआ जिले के माधोपुर में तो आर्मी ने कमाल कर दिया जहाँ सीआरपीएफ के 22 जवान, तीन आम नागरिक और एक स्निफर डॉग को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
बताया जा रहे है की भूस्खलन में दबकर 30 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 11 महिलाएँ और 2 बच्चियाँ भी शामिल हैं। अब तक 20 शवों की पहचान हो चुकी है। बाकी की पहचान का काम जारी है। और श्रद्धालुओं के शव अर्धकुंवारी से कटरा लाए जा रहे हैं। वहीं, घायल लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है







