स्याना हिंसा मामला: कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या में 5 को उम्रकैद, 33 को 7 साल की सजा
बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश), 1 अगस्त 2025 –
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के स्याना थाना क्षेत्र में 2018 में हुई हिंसा और पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के मामले में कोर्ट ने शुक्रवार को अपना फैसला सुना दिया। विशेष अदालत ने इस बहुचर्चित मामले में 5 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि 33 अन्य को सात-सात साल की कैद की सजा दी गई है।
क्या था मामला?
3 दिसंबर 2018 को स्याना क्षेत्र के चिंगरावठी गांव में कथित गौकशी को लेकर भारी तनाव फैल गया था। गुस्साई भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव किया, वाहनों में आग लगाई और इस हिंसा में तत्कालीन इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे देश को हिला दिया था और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए थे।
कोर्ट का फैसला:
करीब 7 साल की सुनवाई और सैकड़ों गवाहों के बयान के बाद कोर्ट ने यह बड़ा फैसला सुनाया।
5 मुख्य दोषियों को धारा 302 (हत्या) में उम्रकैद की सजा दी गई है।
33 अन्य को दंगा, आगजनी, सरकारी कार्य में बाधा और हमला जैसे मामलों में 7-7 साल की सजा सुनाई गई है।
पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया:
इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के परिजनों ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि “हमें देर से सही, लेकिन न्याय मिला है। यह फैसला उन सभी पुलिसकर्मियों के मनोबल को बढ़ाएगा जो दिन-रात कानून व्यवस्था बनाए रखने में लगे रहते हैं।”
सरकार की प्रतिक्रिया:
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस फैसले को कानून के शासन की जीत बताया है और कहा है कि हिंसा फैलाने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
यह फैसला यह स्पष्ट करता है कि भीड़तंत्र की कोई जगह लोकतंत्र में नहीं है और कानून का हाथ लंबे समय बाद भी दोषियों तक पहुंचता है।






