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खाद की खरीद दर तय नहीं तो कैसे हो सरकारी दर पर बिक्री? खुदरा उर्वरक विक्रेताओं ने उठाए सवाल

लोकेशन – समस्तीपुर
रिपोर्ट – नवनीत कुमार झा

विभूतिपुर के खोकसाहा में रिटेल फर्टिलाइजर एंड फार्मर्स वेलफेयर फाउंडेशन की बैठक, जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे खाद विक्रेता

विभूतिपुर/समस्तीपुर । विभूतिपुर प्रखंड के खोकसाहा स्थित न्यू रिमझिम रेस्टोरेंट में मंगलवार को रिटेल फर्टिलाइजर एंड फार्मर्स वेलफेयर फाउंडेशन के बैनर तले समस्तीपुर जिले के विभिन्न प्रखंडों के खुदरा उर्वरक विक्रेताओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन से जुड़े प्रखंड अध्यक्षों सहित जिले के खुदरा खाद विक्रेताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान उर्वरक की खरीद-बिक्री व्यवस्था, मूल्य निर्धारण और विभागीय प्रक्रियाओं को लेकर विक्रेताओं ने अपनी समस्याएं रखीं।

बैठक में संगठन के बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह, प्रमंडलीय अध्यक्ष सुधांशु नारायण सिंह, जिला अध्यक्ष अमरेश झा एवं जिला सचिव संजय कुमार संतोष सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

खरीद महंगी, बिक्री की दर निर्धारित, विक्रेताओं ने जताई चिंता

बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सरकार और विभाग की मौजूदा उर्वरक विक्रय नीति में पारदर्शिता का अभाव है। खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि उन्हें यदि उर्वरक अधिक कीमत पर खरीदना पड़ता है, तो निर्धारित सरकारी दर पर उसकी बिक्री करना व्यावहारिक रूप से मुश्किल हो जाता है। इससे खुदरा कारोबारियों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

वक्ताओं ने सवाल उठाया कि जब उर्वरक की बिक्री का मूल्य निर्धारित है, तो खुदरा विक्रेताओं के लिए खरीद मूल्य का निर्धारण क्यों नहीं किया जाता? उनका कहना था कि खरीद और बिक्री की दरों में संतुलन नहीं होने से कारोबार करना कठिन हो रहा है।

कागजी प्रक्रिया और कोड लेने में परेशानी का आरोप

बैठक में खुदरा उर्वरक विक्रेताओं ने कागजी प्रक्रिया से संबंधित समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कोड प्राप्त करने सहित विभिन्न विभागीय प्रक्रियाओं के लिए उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। विक्रेताओं ने मांग की कि उर्वरक व्यवसाय से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, स्पष्ट और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि छोटे कारोबारी अनावश्यक परेशानी से बच सकें।

खरीद मूल्य तय नहीं हुआ तो खाद का उठाव प्रभावित होने की चेतावनी

संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि जब तक खुदरा विक्रेताओं के लिए उर्वरक का खरीद मूल्य निर्धारित नहीं किया जाता, तब तक उनके लिए खाद का उठाव करना मुश्किल रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मौजूदा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो अन्नदाता किसानों के साथ-साथ खुदरा उर्वरक विक्रेता भी परेशानियों का सामना करने को विवश होंगे।

वक्ताओं ने कहा कि किसानों को उचित दर पर खाद उपलब्ध कराने के लिए सबसे पहले आपूर्ति व्यवस्था और खरीद मूल्य को स्पष्ट करना जरूरी है। खुदरा विक्रेताओं ने विभाग से इस मामले में ठोस पहल की मांग की।

संजय कुमार संतोष ने की अध्यक्षता

बैठक की अध्यक्षता विभूतिपुर प्रखंड के प्रखंड अध्यक्ष सह जिला सचिव संजय कुमार संतोष ने की। उन्होंने संगठन के सदस्यों की समस्याओं को गंभीरता से उठाते हुए कहा कि उर्वरक व्यवसाय से जुड़े विक्रेताओं के हितों की रक्षा और किसानों को सुचारु रूप से खाद उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्था में सुधार आवश्यक है।

बैठक में विभूतिपुर के योगेंद्र प्रसाद सिंह, आशुतोष कुमार, अमर ज्योति कुमार, अर्जुन कुमार सिंह, राकेश रंजन, रजनीश कुमार, रामदयाल सिंह सहित कई गण्यमान्य लोग एवं खुदरा उर्वरक विक्रेता मौजूद रहे।

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