राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी जांच के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अयोध्या दौरा चर्चा में है। दौरे से पहले प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट के बीच हुए एक संवाद ने राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। जानकारी है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने के बजाय प्रतिनिधि भेजने का अनुरोध किया गया है। अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े आर्थिक मामलों की जांच जारी है। इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा तय हुआ है, जहां वे विभिन्न विकास परियोजनाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। लेकिन दौरे से पहले प्रशासन की ओर से ट्रस्ट को दिए गए संदेश ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और आधिकारिक प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए चंपत राय की जगह ट्रस्ट के किसी अन्य प्रतिनिधि की मौजूदगी का सुझाव दिया गया है। हालांकि इस पर न तो प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत बयान आया है और न ही ट्रस्ट ने सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। इस घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। एक तरफ जांच की प्रक्रिया चल रही है, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री का दौरा भी अहम माना जा रहा है। ऐसे में कार्यक्रम से जुड़े हर फैसले पर नजर बनी हुई है।






