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40-50 लाख की लागत से बना भव्य कंस किला, पहली बार ग्लास ब्रिज का रोमांच; अंगारघाट जन्माष्टमी मेले में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

लोकेशन – समस्तीपुर
रिपोर्ट – नवनीत कुमार झा

समस्तीपुर/अंगारघाट। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि की लीलाओं और कंस वध की कथा को जीवंत करता समस्तीपुर का अंगारघाट श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला इस बार भव्यता और आधुनिक आकर्षणों के कारण लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है। करीब दो दशक से चली आ रही धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा ने इस वर्ष एक नया रूप लिया है। मेले में तैयार किया गया विशाल कंस किला और पहली बार बनाया गया ग्लास ब्रिज लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।

बताया जा रहा है कि इस बार करीब 40 से 50 लाख रुपये की लागत से विशाल कंस किले का निर्माण कराया गया है। किले की भव्य संरचना और आकर्षक सजावट श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रही है। कंस किले के जरिए भगवान श्रीकृष्ण और कंस के बीच हुए संघर्ष तथा कंस वध की पौराणिक कथा को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। शाम होते ही रोशनी से जगमगाता किला मेले की भव्यता को और बढ़ा देता है।

पहली बार ग्लास ब्रिज, युवाओं में खासा क्रेज

इस बार मेले में पहली बार ग्लास ब्रिज यानी कांच का पुल भी तैयार किया गया है। पारंपरिक धार्मिक आयोजन में आधुनिक आकर्षण के रूप में शामिल किए गए इस ग्लास ब्रिज को देखने और उस पर चलने को लेकर युवाओं एवं बच्चों में खासा उत्साह है। लोग इस नए आकर्षण के साथ तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं। ग्लास ब्रिज मेले में आने वाले लोगों के लिए अलग तरह का अनुभव उपलब्ध करा रहा है।

लाखों की भीड़ से गुलजार अंगारघाट

अंगारघाट का जन्माष्टमी मेला सिर्फ स्थानीय आयोजन नहीं रह गया है। करीब 20 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को देखने के लिए समस्तीपुर जिले के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मेले में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा किया जा रहा है। दिन चढ़ने के साथ मेला परिसर में भीड़ बढ़ती जाती है और शाम होते-होते पूरा क्षेत्र लोगों से गुलजार हो उठता है।

झूले, खिलौने और खान-पान की दुकानों से बढ़ी रौनक

धार्मिक आकर्षणों के साथ मेले में मनोरंजन और खरीदारी की भी भरपूर व्यवस्था है। बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के झूले और खिलौनों की दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। वहीं महिलाओं के लिए चूड़ी, श्रृंगार सामग्री और अन्य सामानों की दुकानें सजी हैं। मेला परिसर में मिठाई, जलेबी, चाट, गोलगप्पे, पकौड़े सहित खान-पान की विभिन्न दुकानें भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।

रंग-बिरंगी रोशनी, सजावट, धार्मिक झांकियां, दुकानों की कतार और श्रद्धालुओं की भीड़ ने अंगारघाट के माहौल को पूरी तरह उत्सवी बना दिया है। भक्ति संगीत और जय श्रीकृष्ण के जयकारों के बीच पूरा मेला परिसर भक्तिमय नजर आ रहा है।

मुखिया ने किया मेले का उद्घाटन

ग्राम पंचायत राज अंगार में आयोजित श्री श्री 1008 कृष्ण जन्माष्टमी मेला का विधिवत उद्घाटन पंचायत की मुखिया श्रीमती इंदु कुमारी ने फीता काटकर किया। मौके पर जिला परिषद सदस्य अमृत चौधरी, पंचायत समिति प्रतिनिधि कपिल देव राय, पूजा समिति के अध्यक्ष पप्पू राय, संरक्षक कृष्ण कुमार यादव, महंथ रोहित राय, प्रदीप राय, राजा कुमार, विकास कुमार सहित पूजा समिति के सदस्य और सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

आयोजकों और स्थानीय लोगों के अनुसार अंगारघाट का जन्माष्टमी मेला हर वर्ष कुछ नया करने के लिए पहचाना जा रहा है। इस बार कंस किला और ग्लास ब्रिज ने मेले की भव्यता को एक अलग पहचान दी है। धार्मिक आस्था, पौराणिक कथाओं, आधुनिक तकनीक और मनोरंजन के संगम के कारण अंगारघाट का यह मेला इस बार समस्तीपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों के लोगों के लिए भी आकर्षण का बड़ा केंद्र बना हुआ है।

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