झालावाड़ से ब्यूरो चीफ आसिफ शेरवानी की रिपोर्ट
2457 बैग उर्वरक जप्त, अनेक गंभीर अनियमितताएं उजागर
झालावाड़, 24 सितम्बर। किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) झालावाड़ डॉ. नरेश कुमार शर्मा के निर्देशन एवं अगुवाई में मीणा खाद भंडार, अकलेरा पर सघन निरीक्षण एवं जांच कार्रवाई की गई। कार्रवाई का नेतृत्व श्री चौथमल शर्मा द्वारा किया गया।
निरीक्षण के दौरान संस्थान पर भारी मात्रा में उर्वरकों के भंडारण एवं विक्रय में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर 718 बैग डाई अमोनियम फास्फेट (डीएपी), 1116 बैग सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी), 105 बैग नीम कोटेड यूरिया तथा 518 बैग पोटाश डेरिवेड फ्रॉम मोलासस (दानेदार) सहित कुल 2457 बैग उर्वरक जप्त किए गए।
जांच में पाया गया कि संस्थान द्वारा भारत सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक दर पर उर्वरकों का विक्रय किया जा रहा था। साथ ही स्टॉक एवं मूल्य सूची का निर्धारित स्थान पर प्रदर्शन नहीं किया गया था तथा किसानों को उर्वरक विक्रय के उपरांत निर्धारित प्रपत्र में बिल जारी नहीं किए जा रहे थे। इसके अतिरिक्त लाइसेंस में आवश्यक “ओ” फॉर्म दर्ज कराए बिना उर्वरकों का विक्रय एवं वितरण, अप्रघोषित परिसरों से उर्वरकों का भंडारण एवं विक्रय, निरीक्षण दल को आवश्यक अभिलेख एवं सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराना, निरीक्षण कार्य में बाधा उत्पन्न करना तथा निर्धारित अभिलेखों एवं रिटर्न का संधारण नहीं करना जैसी गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं।
प्रथम दृष्टया उक्त कृत्य उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित उर्वरकों को जप्त कर अग्रिम विभागीय एवं विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
इस कार्रवाई में श्री सत्येंद्र पाठक, उप निदेशक कृषि (सामान्य), श्री छोटू सिंह काजला, सहायक निदेशक उद्यान, श्री भूपेंद्र सिंह, सहायक निदेशक कृषि (विस्तार), श्री प्रेम शंकर गोचर, कृषि अधिकारी (फसल), श्री मोरध्वज मीणा एवं श्री सुरेश कुमार सहित विभागीय अधिकारियों एवं कार्मिकों की टीम उपस्थित रही।
डॉ. नरेश कुमार शर्मा, संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), झालावाड़ ने बताया कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले एवं उर्वरक नियंत्रण आदेश के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध जिले में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने किसानों से उर्वरक खरीदते समय अनिवार्य रूप से बिल प्राप्त करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना कृषि विभाग को देने की अपील की।






