कोरबा//यह पर्व प्रकृति, गोवंश और मानव के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है,
गोवर्धन पूजा हमें प्रकृति के संरक्षण, गोसेवा और सामूहिक सद्भाव का संदेश देती है। सभी से आग्रह किया कि इस पावन अवसर पर पर्यावरण की रक्षा, गौमाता की सेवा और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संकल्प लें।
भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत की पूजा कर हमें यह संदेश दिया कि हमें अपने कर्म और प्रकृति की शक्ति पर भरोसा रखना चाहिए। यही पर्व हमें एकता, सहयोग और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देता है।
“गोवर्धन पूजा का यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में खुशहाली, समृद्धि और शांति लेकर आए। भगवान श्रीकृष्ण की कृपा सब पर बनी रहे।” इस अवसर पर श्रीमती दुलेश्वरी सिदार, श्री सत्यनारायण पैकरा, निलेश यदु, दिलेश्वर आदिले, अनिल गुप्ता, इश्तेहार खान, कृष्णा कश्यप, एकनाथ बंजारे, दिलहरन कश्यप, लखन कश्यप, श्रीमती जीवन बाई कंवर, सरपंच केरकछार, एवं बड़ी संख्या में बड़ेबंका, नवापारा, मदनपुर, कुटेलामुदा, साजाबहरी, के यादव बंधु महिला एवं गणमान्य नागरिक लोग उपस्थित रहे।
अशोक कुमार श्रीवास की रिपोर्ट








