नई दिल्ली। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज कराने वाले मरीजों और उनके परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। देश में 543 दवाओं की कीमतों में कटौती की खबर है। दावा किया जा रहा है कि कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाला एक इंजेक्शन, जिसकी कीमत करीब 80 हजार रुपये थी, अब लगभग 7 हजार रुपये में उपलब्ध हो सकेगा। नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होने की बात कही जा रही है।
महंगे इलाज से जूझ रहे मरीजों को मिल सकती है राहत
कैंसर का इलाज अक्सर लंबे समय तक चलता है। इस दौरान मरीजों को जांच, दवाओं, इंजेक्शन और अस्पताल के खर्चों का सामना करना पड़ता है। कई परिवारों के लिए इलाज का आर्थिक बोझ उठाना मुश्किल हो जाता है।
ऐसे में दवाओं की कीमतों में प्रस्तावित कटौती मरीजों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। खासकर उन लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें नियमित रूप से महंगी दवाओं की जरूरत पड़ती है।
₹80 हजार से ₹7 हजार तक कीमत घटने की चर्चा
सबसे ज्यादा चर्चा कैंसर के एक इंजेक्शन की कीमत को लेकर हो रही है। खबर के मुताबिक, करीब 80 हजार रुपये में मिलने वाले इंजेक्शन की कीमत घटकर 7 हजार रुपये हो सकती है। यदि यह कीमत लागू होती है, तो मरीजों को एक इंजेक्शन पर लगभग 73 हजार रुपये की बचत होगी।
हालांकि, संबंधित इंजेक्शन का नाम, उसकी खुराक, निर्माता कंपनी और संशोधित अधिकतम खुदरा मूल्य की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। कैंसर के सभी इंजेक्शन की कीमतों में एक जैसी कटौती नहीं होगी।
543 दवाओं की नई कीमतों पर नजर
रिपोर्ट में 543 दवाओं की कीमतें घटाए जाने का उल्लेख है। ऐसे में यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि इस सूची में कौन-कौन सी दवाएं शामिल हैं और अलग-अलग दवाओं पर कितनी राहत मिलेगी।
दवाओं की कीमतों में बदलाव का असर मरीजों के मासिक इलाज खर्च पर पड़ सकता है। हालांकि, वास्तविक बचत दवा के ब्रांड, खुराक और निर्धारित नई कीमत पर निर्भर करेगी।
9 नवंबर से नई दरें लागू होने का दावा
खबर के अनुसार, संशोधित कीमतें 9 नवंबर 2026 से प्रभावी होंगी। मरीजों और उनके परिजनों को सलाह दी जाती है कि वे दवा खरीदते समय पैकिंग पर लिखी एमआरपी की जांच करें और किसी भी दवा को बदलने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श लें।




