बहुजन समाज पार्टी में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को बसपा से बाहर कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब आकाश आनंद के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया है।
दरअसल, इससे पहले मायावती ने साफ संकेत दिया था कि आकाश आनंद को पार्टी में दोबारा सक्रिय जिम्मेदारी तभी दी जाएगी, जब अशोक सिद्धार्थ पूरी तरह राजनीति से अलग हो जाएं। अब अशोक सिद्धार्थ के संन्यास की घोषणा के बाद भी आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। मायावती ने आकाश पर पार्टी और आंदोलन के हितों को लेकर असमंजस में रहने का आरोप लगाया है।
आकाश आनंद का राजनीतिक सफर पिछले कुछ समय से लगातार उतार-चढ़ाव से गुजर रहा है। कभी उन्हें मायावती के संभावित राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर आगे बढ़ाया गया, तो कभी पार्टी की अहम जिम्मेदारियों से हटाया गया। सितंबर 2026 की शुरुआत में भी मायावती ने उन्हें मुख्य राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटाते हुए कहा था कि उन्हें अभी और राजनीतिक परिपक्वता की जरूरत है।
इसी बीच मायावती के छोटे भतीजे ईशान आनंद को संगठन में अहम जिम्मेदारी दिए जाने से भी पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हुई थीं। अब आकाश आनंद के निष्कासन के बाद बसपा की आगे की रणनीति और 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी के नेतृत्व की दिशा पर सबकी नजर है।






