झालावाड़ से ब्यूरो चीफ आसिफ शेरवानी की रिपोर्ट
सुनेल, झालावाड़। आमजन को गुणवत्तापूर्ण नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने एवं दृष्टिदोष से प्रभावित लोगों को समय पर उपचार एवं सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुनेल में ‘मां नेत्र वाउचर योजना’ एवं नेत्र जांच अभियान के अंतर्गत विशेष नेत्र जांच एवं निःशुल्क चश्मा वितरण शिविर का आयोजन किया गया।
यह शिविर जिला कलेक्टर श्री अजय सिंह राठौड़ के मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा साजिद खान के निर्देश में आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य जिले के नागरिकों, विशेष रूप से ग्रामीण एवं जरूरतमंद वर्ग को बेहतर नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा दृष्टिदोष के कारण होने वाली समस्याओं से राहत दिलाना था।
शिविर में 117 चश्मो का वितरण
ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राहुल अचोलिया ने बताया कि शिविर के दौरान कुल 378 लाभार्थियों की नेत्र जांच की गई। जांच के दौरान दृष्टिदोष से प्रभावित पाए गए लाभार्थियों की पहचान करि उन्हें आवश्यक परामर्श एवं उपचार संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इनमें से 117 लाभार्थियों को निःशुल्क चश्मों का वितरण किया गया, जिससे उन्हें दैनिक जीवन एवं कार्यों में बेहतर दृष्टि सुविधा प्राप्त हो सकेगी।
प्रशिक्षित टीमों द्वारा नेत्र जांच
चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डा रामभरत मीणा ने बताया कि शिविर के दौरान प्रशिक्षित नेत्र विशेषज्ञों की टीम गोविंद राठौर, बनवारी लुहार ,विरेन्द्र शर्मा, संदीप लुहार द्वारा लाभार्थियों को जांच, परामर्श एवं आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं व शिविर के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा लाभार्थियों को जांच एवं परामर्श सेवाएं प्रदान कीं।
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मां नेत्र वाउचर योजना
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ साजिद खान ने बताया कि जिले में ‘मां नेत्र वाउचर योजना’ एवं नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ऐसे शिविर चरणबद्ध रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों को समय पर नेत्र जांच, उपचार एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने आमजन से अपील की कि आंखों से संबंधित किसी भी समस्या या दृष्टिदोष की स्थिति में निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच अवश्य कराएं तथा सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाएं।
इस प्रकार के शिविर न केवल लोगों को बेहतर दृष्टि प्रदान करने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं, बल्कि समाज में नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।







