ब्यूरो संजय मिश्रा
चित्रकूट-15 जुलाई 2026| जिला पंचायत रिसोर्स सेण्टर (डी.पी.आर.सी.) चित्रकूट में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजनान्तर्गत पंचायत डेवलपमेंट प्लान (पी.डी.पी.) विषय पर जिला एवं ब्लाक स्तरीय अधिकारियों “जिला क्रियान्वयन एवं समन्वयन समिति के सदस्यगणों” का एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ जिसमे ग्राम्य विकास विभाग, शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, ग्रामीण विकास, अल्पसंख्यक, जिला पंचायत, जल निगम, विद्युत्, सिचाई, कृषि प्रसार के अधिकारीगण एवं ब्लाक से खण्ड विकास अधिकारी व सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) द्वारा प्रतिभाग किया गया |
कार्यक्रम का शुभारम्भ अपर मुख्य अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा में पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया | प्रशिक्षण का उद्देश्य/भूमिका डी.पी.आर.सी. के वरिष्ठ फैकल्टी सुजीत कुमार द्वारा गुणवत्ता पूर्ण पंचायत विकास योजना निर्माण में मुख्य चुनौतियों को बताया गया| जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा कहा गया कि ग्राम पंचायत विकास योजना निर्माण में ग्राम सभा का प्रभावी आयोजन एवं योजनाओं का क्रियान्वयन से गाँव का समग्र विकास हो सकता है, पंचायत डेवलपमेंट प्लान तथ्यों और आंकड़ो (साक्ष्य) पर आधारित होनी चाहिए, जिसमे सभी लोगों कि भागीदारी हो, सभी वर्गो (महिला, पुरुष, गरीब, दिव्यांग, अनुसूचित जाति/जनजाति आदि) कि आवश्यकताओ को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विभागों के समन्वय से संविधान कि ग्वारहवीं अनुसूची में पंचायतों के 29 विषय दिये गए है, इन विषयों पर पंचायते योजना बनाकर विकास कार्य कर सकती है |
प्रशिक्षक इन्तखाब रब्बानी, अशोक सिंह द्वारा 16वे केंद्र वित्त आयोग, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत विकास योजना निर्माण एवं पोर्टल की जानकारी डी गई तथा अविनाश द्विवेदी-जिला परियोजना प्रबंधक द्वारा पंचायत के स्वयं के आय सृजन पर प्रकाश डाला गया| सुजीत द्वारा 16वे वित्त आयोग की अनुसंशा के अनुरूप टाइड ग्रांट के उपयोग से ग्रामीण जल आपूर्ति एवं ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन नियम 2026 को भी बताया गया | इन्ही विषयों के साथ आज कि कार्यशाला का समापन हुआ|





