लोकेशन – समस्तीपुर
रिपोर्ट – नवनीत कुमार झा
निगरानी के ट्रैप में DCLR के साथ घरेलू नौकर सुमित कुमार भी गिरफ्तार; सरकारी आवास से 13.82 लाख रुपये अतिरिक्त नकद बरामद
समस्तीपुर/रोसड़ा। भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई में रोसड़ा से बड़ी खबर सामने आई है। निगरानी विभाग की मुख्यालय टीम ने गुरुवार को रोसड़ा की भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) कंचन कुमारी झा और उनके घरेलू नौकर सुमित कुमार को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। दोनों की गिरफ्तारी नगर पंचायत रोसड़ा के वार्ड संख्या-24 स्थित DCLR के सरकारी आवास से की गई।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कार्रवाई के दौरान दो लाख रुपये नकद और 37 हजार रुपये कीमत की नई सैमसंग वॉशिंग मशीन बरामद की गई। ब्यूरो ने सुमित कुमार को मामले में दलाल बताया है।
भूमि विवाद में पक्ष में फैसला देने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप
निगरानी विभाग के मुताबिक, विभूतिपुर थाना क्षेत्र के माधोपुर निवासी मनोज कुमार, पिता राम नारायण महतो ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि भूमि विवाद निराकरण वाद संख्या 20/2026-27 में परिवादी के पक्ष में फैसला देने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने उसका सत्यापन कराया। विभाग के अनुसार सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण मिला। इसके बाद प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर निगरानी थाना कांड संख्या 103/26, दिनांक 25 अगस्त 2026 दर्ज किया गया।
ट्रैप बिछाकर सरकारी आवास से गिरफ्तारी
मामले की जांच पुलिस निरीक्षक दिवाकर कुमार दिनकर कर रहे थे। उनके अनुरोध पर पुलिस उपाधीक्षक नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में धावादल का गठन किया गया।
निगरानी विभाग के अनुसार, धावादल ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए DCLR कंचन कुमारी झा और उनके घरेलू नौकर सुमित कुमार को दो लाख रुपये तथा नई वॉशिंग मशीन के साथ गिरफ्तार किया।
विभाग ने बरामद वॉशिंग मशीन की कीमत 37 हजार रुपये बताई है। मशीन सैमसंग कंपनी की है, जिसका मॉडल नंबर WM 80 TA046AB1TL और सीरियल नंबर 05RL5PAL201819 बताया गया है।
सरकारी आवास की तलाशी में 13.82 लाख रुपये और मिले
ट्रैप कार्रवाई के बाद निगरानी टीम ने DCLR के सरकारी आवास की तलाशी ली। विभाग के अनुसार तलाशी के दौरान 13 लाख 82 हजार रुपये अतिरिक्त नकद बरामद किए गए।
इस बरामदगी के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। हालांकि, आवास से बरामद अतिरिक्त नकदी किस स्रोत की है और उसका क्या विवरण है, यह आगे की जांच में स्पष्ट होगा।
2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ 103वीं प्राथमिकी
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ वर्ष 2026 में यह 103वीं प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई है। इसमें ट्रैप से संबंधित यह 95वां कांड है।
विभाग के अनुसार अब तक इन मामलों में कुल 93 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। वर्ष 2026 में रिश्वत की कुल बरामद राशि 34 लाख 34 हजार 800 रुपये बताई गई है। इसके अतिरिक्त इस कार्रवाई में 37 हजार रुपये कीमत की एक नई वॉशिंग मशीन भी बरामद की गई है।
वहीं, वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे और रिश्वत की राशि के रूप में 37 लाख 80 हजार 300 रुपये बरामद किए गए थे।
पूछताछ के बाद मुजफ्फरपुर निगरानी कोर्ट में होगी पेशी
निगरानी विभाग के अनुसार गिरफ्तार दोनों आरोपितों से पूछताछ के बाद उन्हें विशेष न्यायालय, निगरानी, मुजफ्फरपुर में प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में आगे की अनुसंधान प्रक्रिया जारी है।
DCLR जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद पर तैनात अधिकारी के सरकारी आवास पर निगरानी की यह कार्रवाई सामने आने के बाद समस्तीपुर के प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।
फिलहाल निगरानी विभाग की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए आरोप और बरामदगी जांच का हिस्सा हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।











