बरेली। जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को यूपीआई के माध्यम से ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर व्यापारियों से प्रस्तावित 0.5 प्रतिशत MDR शुल्क लिए जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता धर्मकांटा स्थित पिछड़ा वर्ग कांग्रेस कार्यालय पर एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के इस प्रस्ताव के विरोध में प्रदेश सरकार के मंत्री के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन/विरोध स्वरूप उपहार भेजने के लिए उनके आवास की ओर मार्च शुरू किया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मार्च को रोकने के लिए प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिस द्वारा रास्ते में बैरिकेडिंग कर कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। पुलिस अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से आगे न जाने की अपील की, जिसके बाद कार्यकर्ता वहीं रुक गए।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की बात करती है, लेकिन दूसरी ओर व्यापारियों पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ डालने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस व्यापारियों की आवाज उठाती रहेगी।
प्रवक्ता पंडित राज शर्मा ने बताया की कांग्रेस नेताओं ने अध्यक्ष दिनेश दद्दा को हिरासत में लिए जाने की भी कड़ी निंदा की। नेताओं के मुताबिक, दिनेश दद्दा अगले दिन पार्टी के कार्यक्रम के लिए अनुमति लेने सीओ कार्यालय गए थे, जहां से उन्हें पकड़कर सैटेलाइट चौकी में बैठा लिया गया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विपक्षी दलों के कार्यक्रमों को रोकना और नेताओं-कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को विपक्ष की आवाज दबाने के बजाय जनहित से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रवक्ता पंडित राज शर्मा, अनिल देव शर्मा, रमेश चंद्र मिश्रा, उल्फत कठेरिया, राजा राम साहू, आशीष साहू, विनोद कुमार, सुरेश दिवाकर, डॉ. हरीश गंगवार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
व्यापारियों पर प्रस्तावित MDR शुल्क के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस ने रोका मार्च






