उत्तर प्रदेश बीजेपी में एक बार फिर असंतोष के सुर सुनाई दे रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए खुलकर आलोचना की है। उनके बयान के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने स्कूलों की स्थिति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार को जमीनी स्तर की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
बीजेपी नेता के बागी तेवर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। अब सवाल यह है कि पार्टी नेतृत्व इस सार्वजनिक आलोचना को किस तरह देखता है और आने वाले दिनों में इस पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।





