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80 लाख की पेयजल परियोजना पर दरार! निर्माणाधीन कुएं की सुरक्षा दीवार फटी, ग्रामीणों ने उठाए गुणवत्ता पर सवाल

रिपोर्टर पप्पू लाल पंचोली

कार्य पूरा होने से पहले ही दिखीं दरारें, घटिया निर्माण सामग्री के आरोप; अधिशासी अभियंता बोले— दरार वाले हिस्से को तुड़वाकर दोबारा बनवाया जाएगा) जिले के फूलियाकलां उपखंड क्षेत्र के धनोप गांव में डीएमएफटी योजना के तहत 80 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन पेयजल परियोजना की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कार्य पूरा होने से पहले ही निर्माणाधीन कुएं की सुरक्षा दीवार में दरारें दिखाई देने लगी हैं। ग्रामीणों ने इसे घटिया निर्माण सामग्री और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी का परिणाम बताते हुए निष्पक्ष तकनीकी जांच एवं दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार धनोप गांव में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नए कुएं का निर्माण तथा पुराने खुले कुएं को गहरा करने का कार्य जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी), शाहपुरा द्वारा कराया जा रहा है। निर्माण स्थल देबी सागर तालाब की पाल के भीतर स्थित है। ग्रामीणों का कहना है कि कार्य अभी अधूरा है, लेकिन सुरक्षा दीवार में कई स्थानों पर दरारें उभर आई हैं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है और लापरवाही के चलते समय से पहले ही संरचना में दरारें आ गई हैं। उनका कहना है कि यदि प्रारंभिक चरण में ही ऐसी स्थिति है तो भविष्य में कुएं की मजबूती और सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
प्रदर्शन बोर्ड के अनुसार निर्माण कार्य मेसर्स अर्चना कंस्ट्रक्शन द्वारा किया जा रहा है। बोर्ड पर अंकित जानकारी के अनुसार कार्य 18 मार्च 2026 को प्रारंभ हुआ था तथा इसे 17 दिसंबर 2026 तक पूर्ण किया जाना है। निर्माण अवधि के दौरान ही दरारें सामने आने से निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है।
अधिशासी अभियंता बोले— दरार वाला हिस्सा दोबारा बनेगा
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, शाहपुरा के अधिशासी अभियंता मयंक शर्मा ने बताया, “मैंने मौके का निरीक्षण किया है। जहां-जहां दरारें दिखाई दी हैं, उस हिस्से को तुड़वाकर दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने के लिए ठेकेदार को निर्देशित किया गया है।”

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