चमोली जिले के थराली इलाके में शुक्रवार देर रात अचानक बादल फटा और कुछ ही पलों में तबाही का ऐसा मंजर सामने आया कि लोग घरों से भागने को मजबूर हो गए। तेज बहाव और मलबे ने मकानों, दुकानों और सड़कों को अपनी चपेट में ले लिया। बता दे की कोटड़ीप और राड़ीबगड़ में हालात सबसे ज्यादा भयावह रहे। तहसील परिसर और एसडीएम आवास तक मलबा घुस आया। कई घरों में मिट्टी और पत्थर का ढेर लग गया, तो वहीं गाड़ियां और बाइकें मलबे में दब गईं। लोग अपने बच्चों और परिवार को लेकर अंधेरी रात में सुरक्षित जगह भागते नजर आए।

सागवाड़ा गाँव से दिल दहला देने वाली खबर आई जहा एक युवती की मलबे में दबकर मौत हो गई। इसके अलावा एक शख्स लापता है। आसपास के गांवों में मातम और दहशत का माहौल है। चेपड़ों बाजार की कई दुकानें भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। थराली-ग्वालदम और थराली-सागवाड़ा मार्ग दोनों ही मलबे और बारिश से बंद हो गए हैं। कस्बे की सड़कें तालाब जैसी हो गईं, जिससे राहत और बचाव टीमों को पहुंचने में दिक्कतें आ रही हैं।

राहत कार्य जारी
साथ ही SDRF की टीम गौचर से मौके पर भेजी गई है, वहीं BRO सड़क खोलने की कोशिशों में जुटा है। जिला प्रशासन के मुताबिक, हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र आज (23 अगस्त) बंद रहेंगे। यह पहली बार नहीं है जब चमोली ने ऐसी तबाही देखी हो। कुछ ही समय पहले सोल घाटी और केरा गाँव में भी मकान और दुकानें मलबे में दब गए थे। अब एक बार फिर बारिश ने पुराने जख्म ताजा कर दिए हैं।

रिपोर्ट:- कनक चौहान






