ब्यूरो संजय मिश्रा चित्रकूट
चित्रकूट -आयुक्त, चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा अजीत कुमार द्वारा जनसुनवाई एवं शिकायत निवारण प्रणाली को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान अधिशासी अभियन्ता, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण), बाँदा एवं अधिशासी अभियन्ता, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण), चित्रकूट द्वारा प्रस्तुत निस्तारण आख्या का गहन परीक्षण किया गया।
परीक्षण के उपरान्त निस्तारण आख्या संतोषजनक न पाए जाने पर आयुक्त द्वारा दोनों अधिशासी अभियन्ताओं के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक जनशिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं तथ्यपरक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता के रूप में न किया जाए।
आयुक्त ने निर्देशित किया कि जनपद के किसी भी ग्राम में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक ग्राम में नियमित, स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करायी जाए तथा जल जीवन मिशन योजना के अन्तर्गत कार्यों के दौरान खोदी गयी सड़कों एवं मार्गों को तत्काल मानक के अनुरूप पुनर्स्थापित कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि पेयजल आपूर्ति से संबंधित शिकायतों का निस्तारण केवल अभिलेखों में नहीं बल्कि स्थलीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए किया जाए। भविष्य में शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही अथवा भ्रामक आख्या प्रस्तुत किये जाने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।
इसी क्रम में दैनिक समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर प्रकाशित विद्युत आपूर्ति संबंधी समाचारों का भी आयुक्त द्वारा गंभीर संज्ञान लिया गया। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में निर्बाध एवं नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा आंधी, तेज हवा अथवा अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त विद्युत पोल, लाइन एवं ट्रांसफार्मरों की मरम्मत तत्काल कराई जाए।
आयुक्त ने कहा कि आमजन को किसी भी दशा में विद्युत आपूर्ति संबंधी अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में विभागीय अधिकारी त्वरित कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। विद्युत वितरण व्यवस्था में लापरवाही, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलम्ब पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पेयजल एवं विद्युत दोनों ही आमजन की मूलभूत आवश्यकताएं हैं तथा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। अतः इन सेवाओं के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता अथवा शिथिलता को गंभीरता से लिया जाएगा। सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि जनहित से जुड़े कार्यों का नियमित अनुश्रवण करते हुए समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें।






