रिपोर्ट संजय मिश्रा
चित्रकूट -लखनऊ से पधारे इफको के राज्य विपणन प्रबंधक यतेंद्र कुमार ने रबी फसलों के लिए स्वदेशी तकनीकी से निर्मित नैनो डीएपी से बीज शोधन अभियान का आरंभ चित्रकूट की पावन धरती से किया। इस अवसर पर जनपद चित्रकूट के ग्राम खुटहा निवासी प्रगतिशील कृषक उदयभान सिंह के खेत में आलू की फसल में नैनो डीएपी से बीच उपचार किया गया एवं उपस्थित किसानों को इसके प्रयोग की विधि समझाई गई ।
नैनो डीएपी से किसी भी फसल के बीज उपचार करने पर 50% डीएपी की बचत होती है एवं उत्पादन में 10-१५% की बढ़ोतरी होती है। आलू की फसल में बुवाई के लिए आलू के कंद का उपचार प्रति लीटर पानी में 10 मिलीलीटर नैनो डीएपी मिलाकर आलू के कंद पर छिड़काव किया जाता है एवं कंद को ३० मिनट छाया में सुखाकर बुवाई की जाती है।
अन्य सभी फसलों में भी 5 से 10 मिली लीटर नैनो डीएपी प्रति किलो बीज की दर से मिलाकर बीज शोधन किया जाता है एवं बुवाई के 30 से 35 दिन पश्चात नैनी डीएपी की 500 मिलीलीटर मात्रा को प्रति एकड़ क्षेत्रफल में 120 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव किया जाना चाहिए।
नैनो डीएपी का प्रयोग करने से उत्पादित फसल की गुणवत्ता में वृद्धि होती है एवं एकरूपता रहती है, कीड़े बीमारी कम लगते हैं एवं खरपतवार की भी समस्या से निजात मिलती है। नैनों डीएपी पर सरकार को सब्सिडी मद में कोई भी व्यय नहीं करना होता है जबकि पारंपरिक डीएपी खाद में सब्सिडी मद में अत्यधिक धनराशि व्यय होती है।
फसले पारंपरिक दानेदार डीएपी का उपयोग 15 से 20% ही कर पाती है जबकि नैनो डीएपी की उपयोग क्षमता 90% से भी अधिक है। यदि किसान भाई नैनो डीएपी का उपयोग दानेदार डीएपी के साथ करते हैं तो देश की रासायनिक उर्वरकों की जरूरत को पूरा करने में भारत सरकार को आसानी होगी एवं विदेश से डीएपी के आयात में कमी आएगी जिससे देश आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ेगा, पर्यावरण स्वच्छ होगा, मिट्टी का स्वास्थ्य अच्छा होगा एवं खाद्य पदार्थ भी पौष्टिक होंगे।
इस अवसर पर इफको चित्रकूट के उप क्षेत्र प्रबंधक राजबीर सिंह, इफको प्रयागराज से क्षेत्र प्रबंधक अक्षय कुमार पांडेय, इफको एस एफ ए आदित्य कुमार पटेल, आईएफएसडीसी केंद्र सीतापुर संचालक नीरज गर्ग, प्रगतिशील कृषक शिव कुमार शुक्ला, छेलबिहारी, रमेश, राहुलनायक, गोरेलाल, कु० खुशबू, कु० लालता, कु० राधा एवं ग्राम के अन्य कृषक बंधु एवं बहने भी उपस्थित रहे। कृषक शिवकुमार सिंह ने इफको का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इफको द्वारा बिल्कुल सही समय पर तकनीकी ज्ञान का प्रदाय किया गया है इससे अवश्य ही लाभ होगा एवं दूसरे किसान भी इस तकनीक का लाभ उठाएंगे।
चित्रकूट -रबी फसलों के लिए नैनो डीएपी से बीज शोधन अभियान का आरम्भ, यतेंद्र कुमार






