ब्यूरो संजय मिश्रा
*चित्रकूट -आयुक्त, चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा अजीत कुमार द्वारा पुलिस उपमहानिरीक्षक, चित्रकूटधाम परिक्षेत्र, बाँदा के साथ दिनांक 10.10.2026 को थाना कर्वी, जनपद चित्रकूट में आयोजित समाधान दिवस में प्रतिभाग किया गया। समाधान दिवस के दौरान भूमि विवाद, पैमाइश, बंटवारा, फर्जी बैनामा सहित राजस्व एवं पुलिस से संबंधित कुल 13 शिकायतें प्राप्त हुईं। आयुक्त महोदय एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना गया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराते हुए नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। भूमि विवाद से संबंधित मामलों में आवश्यकतानुसार राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर स्थलीय जांच कराई जाए तथा विवादों का विधिसम्मत समाधान सुनिश्चित किया जाए। संबंधित अधिकारियों को की गई कार्यवाही की अनुपालन आख्या आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
आयुक्त महोदय ने कहा कि जनशिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। विशेष रूप से भूमि विवाद, पैमाइश, बंटवारा एवं कथित फर्जी बैनामे से संबंधित मामलों में अभिलेखों का समुचित परीक्षण करते हुए तथ्यों के आधार पर कार्यवाही की जाए, ताकि अनावश्यक विवाद एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
इसके उपरांत आयुक्त महोदय द्वारा आगामी अमावस्या मेला, शारदीय नवरात्रि, दुर्गा पूजा एवं अन्य पर्वों के दृष्टिगत जनपद चित्रकूट में विभिन्न स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया गया। उन्होंने कहा कि अमावस्या मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है। अतः श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए मेला प्रारम्भ होने से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर लें।
आयुक्त महोदय ने रामघाट एवं आसपास के मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, घाटों की सुरक्षा, आवागमन एवं श्रद्धालुओं की सुविधा से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घाटों एवं सीढ़ियों पर फिसलन की रोकथाम, खतरनाक स्थानों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक तथा आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। नदी में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जल पुलिस, गोताखोरों एवं आवश्यक बचाव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए। भीड़ नियंत्रण एवं आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि मेला क्षेत्र में जो भी निर्माण, मरम्मत अथवा अन्य कार्य अवशेष हैं, उन्हें संबंधित विभाग मेला प्रारम्भ होने से पूर्व निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए। किसी भी कार्य में लापरवाही के कारण श्रद्धालुओं को असुविधा नहीं होनी चाहिए। मेला क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, साफ-सुथरे शौचालय, नियमित कूड़ा निस्तारण तथा निर्बाध पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
आयुक्त महोदय ने दुर्गा पूजा पंडालों एवं धार्मिक आयोजनों के स्थलों पर सुरक्षा, स्वच्छता, विद्युत व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंडालों का निर्माण निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप कराया जाए तथा प्रवेश एवं निकास के पर्याप्त मार्ग रखे जाएं। अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास एवं अग्निशमन वाहनों की पहुंच सुनिश्चित की जाए। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती एवं भीड़ नियंत्रण की समुचित व्यवस्था रहे।
उन्होंने निर्देशित किया कि दुर्गा प्रतिमाओं की ऊंचाई 10 से 12 फुट से अधिक न रखी जाए, जैसा कि निरीक्षण के दौरान निर्देशित किया गया। प्रतिमा स्थापना एवं विसर्जन के दौरान निर्धारित मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन कराया जाए। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित मानकों एवं अनुमत समय के अनुरूप किया जाए तथा आयोजकों के साथ समन्वय बैठक कर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देशों से अवगत कराया जाए।
आयुक्त महोदय ने विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि मेला क्षेत्र, प्रमुख मार्गों, घाटों तथा दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास विद्युत व्यवस्था का पूर्व निरीक्षण कराया जाए। कोई भी विद्युत पोल झुका हुआ न रहे तथा विद्युत तार लटकते हुए अथवा खुले और असुरक्षित न हों। किसी भी प्रकार की विद्युत संबंधी कमी को तत्काल दूर कराया जाए। आयोजनों के दौरान सुरक्षित विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित किए जाएं तथा आवश्यकतानुसार वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था भी उपलब्ध रखी जाए।
लोक निर्माण विभाग एवं संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया गया कि मेला क्षेत्र तथा प्रमुख आवागमन मार्गों का निरीक्षण कर सड़कों को गड्ढामुक्त कराया जाए। क्षतिग्रस्त मार्गों की तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा जलभराव की स्थिति उत्पन्न न होने देने के लिए समुचित जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
आयुक्त महोदय ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि अमावस्या मेला एवं आगामी त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए पर्याप्त चिकित्सकीय व्यवस्था की जाए। आवश्यक दवाओं, प्राथमिक उपचार, एम्बुलेंस एवं चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए। प्रमुख स्थलों पर आवश्यकतानुसार चिकित्सा शिविर स्थापित किए जाएं तथा आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था रहे।
उन्होंने नगर निकाय एवं संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि मेला क्षेत्र, धार्मिक स्थलों, प्रमुख मार्गों एवं सार्वजनिक स्थानों पर नियमित साफ-सफाई कराई जाए। कूड़े का समयबद्ध निस्तारण, शौचालयों की नियमित सफाई, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता तथा जलभराव की रोकथाम सुनिश्चित की जाए। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खाद्य पदार्थों की स्वच्छता पर भी निगरानी रखी जाए।
आयुक्त ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि अमावस्या मेला, दुर्गा पूजा एवं अन्य त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, संवेदनशील स्थलों की पहचान, नियमित गश्त तथा भीड़ नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों एवं नियंत्रण कक्ष के माध्यम से निगरानी रखी जाए तथा यातायात प्रबंधन की ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे श्रद्धालुओं को अनावश्यक जाम एवं असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध निर्वहन करें तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए समन्वित कार्ययोजना के अनुरूप तैयार रहें। अधिकारियों द्वारा व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए और कमियां पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
आयुक्त महोदय ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, जनसामान्य की सुविधा तथा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से धार्मिक आयोजनों का सम्पन्न होना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अतः सभी संबंधित अधिकारी पूरी संवेदनशीलता, तत्परता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि अमावस्या मेला, शारदीय नवरात्रि, दुर्गा पूजा एवं अन्य त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो।






