विकुल चपराणा ने बृहस्पतिवार को फेसबुक लाइव के जरिए अपनी बात रखी और खुद को निर्दोष बताते हुए पूरी घटना का अलग ही पक्ष सामने रखा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें किसी व्यक्ति से जबरदस्ती नाक रगड़कर माफी मंगवाते हुए दिखाया गया है, लेकिन यह सच नहीं है। उनके अनुसार, तेजगढ़ी चौराहे पर सत्यम का किसी से विवाद हुआ था, जिसके दौरान उसने ऊर्जा राज्यमंत्री और उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहीं। इसी वजह से विकुल ने उससे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा। विवाद के बाद संबंधित लोग वहां से चले गए। विकुल ने स्वीकार किया कि उस समय उन्होंने अनुचित शब्दों का प्रयोग किया था, जिसके लिए वे क्षमा चाहते हैं।

बता दे की उन्होंने आगे बताया कि जिस दिन यह घटना हुई, पुलिस सत्यम को मेडिकल थाने ले गई थी और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा था। जब यह जानकारी उन्हें मिली, तो वे थाने पहुंचे और थानेदार शीलेश यादव से कहा कि उनके और सत्यम के बीच कोई झगड़ा नहीं है, इसलिए उसे छोड़ दिया जाए। विकुल ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले से डॉ. सोमेंद्र तोमर का कोई संबंध नहीं है और न ही उन्होंने या उनके किसी साथी ने किसी वाहन में तोड़फोड़ की है। वायरल वीडियो अधूरा और भ्रामक रूप में प्रसारित किया गया है।
वही विकुल ने सत्यम रस्तोगी और रस्तोगी समाज से माफी मांगते हुए कहा कि कुछ लोग इस मामले को राजनीतिक लाभ के लिए गलत ढंग से पेश कर रहे हैं। उन्होंने निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित जांच की मांग की है।






