Home / Updates / जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की आलीशान कोठी पर चला बुलडोजर….अवैध धर्मांतरण मामले में बड़ी कार्रवाई….

जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की आलीशान कोठी पर चला बुलडोजर….अवैध धर्मांतरण मामले में बड़ी कार्रवाई….

यूपी के बलरामपुर ज़िले में मंगलवार की सुबह कुछ अलग ही थी। लोग रोज़ की तरह अपने काम में लगे थे, तभी भारी पुलिस बल और प्रशासन की टीम एक आलीशान कोठी के बाहर जमा हो गई। ये घर था जमालुद्दीन उर्फ छांगुर का—जिस पर धर्मांतरण और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के गंभीर आरोप हैं। कुछ ही देर में बुलडोजर बुलाया गया, लेकिन दरवाज़ा बंद था। गैस कटर से ताला काटा गया और फिर कार्रवाई शुरू हुई। घर के भीतर मौजूद लोगों को पहले सुरक्षित बाहर निकाला गया, फिर दीवारें ढहाई जाने लगीं। यह सब देख मोहल्ले के लोग भी सड़कों पर निकल आए—किसी की आंखों में हैरानी थी, तो कोई खामोशी से बस देख रहा था।

बता दे की एक दिन पहले ही प्रशासन ने बेदखली का नोटिस चस्पा किया था, और सात दिन का वक्त दिया था। लेकिन तय समय से पहले ही प्रशासन हरकत में आ गया। सीओ उतरौला राघवेंद्र सिंह और अन्य अफसर मौके पर मौजूद रहे, ताकि सब कुछ नियंत्रण में रहे। इस कार्रवाई ने इलाके में संदेश दिया कि कानून अब चुप नहीं बैठता—चाहे आरोप किसी पर भी हों। वहीं छांगुर की कोठी, जो कभी रुतबे की पहचान थी, अब प्रशासन की सख्ती का प्रतीक बन चुकी है।

दरअसल छांगुर की कोठी पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई के बीच उस घर के भीतर रह रहे लोगों की बेचैनी बाहर झलकने लगी। जब बेदखली का नोटिस चस्पा किया गया, तो पहली बार छांगुर की बहू साबिरा सामने आईं। उनके चेहरे पर डर और गुस्सा दोनों साफ दिखाई दे रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस की लगातार मौजूदगी और बुलडोजर की आहटों से घर के मासूम बच्चे सहम गए हैं। उनका बचपन डर के साए में बीत रहा है। हालांकि पुलिस ने इन बातों को निराधार बताया और कहा कि यह कार्रवाई कानून के मुताबिक की जा रही है।

वहीं दूसरी ओर, जब धर्मांतरण की साजिशों की खबरें सामने आईं तो सिख और सिंधी समाज में गुस्से की लहर दौड़ गई। उन्होंने इसे समाज और संस्कृति के खिलाफ सुनियोजित हमला बताया। समुदाय के लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि जो लोग मासूम लड़कियों को बहला-फुसलाकर धर्म बदलवाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए—इतनी सख्त कि आगे कोई ऐसा सोचने की हिम्मत भी न करे। इस बीच एटीएस ने छांगुर से जुड़ी नीतू और नवीन रोहरा की बार-बार की गई यूएई यात्राओं की जांच शुरू कर दी है। 2015 में दुबई में उनके धर्मांतरण के प्रमाण तो मिल गए हैं, लेकिन पासपोर्ट की जांच में कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे ये शक गहराता जा रहा है कि ये पूरा रैकेट देश के बाहर तक फैला हुआ है।

रिपोर्ट :- कनक चौहान

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