नेपाल में आई भीषण बाढ़ और ग्लेशियर झील विस्फोट की घटना के बाद बिहार में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गंडक नदी के आसपास के इलाकों में प्रशासन ने एहतियातन बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
पश्चिमी चंपारण में संभावित फ्लैश फ्लड को देखते हुए 5 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन ने राहत केंद्र और कम्युनिटी किचन भी तैयार किए हैं, जहां जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है।
बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, वैशाली और मुजफ्फरपुर समेत गंडक नदी से जुड़े छह जिलों को अलर्ट पर रखा गया है। इन क्षेत्रों में NDRF और SDRF की टीमें भी तैनात की गई हैं।
प्रशासन ने तटबंधों और संवेदनशील इलाकों की दिन-रात निगरानी के निर्देश दिए हैं। चौकीदारों और होमगार्ड जवानों की पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है, जबकि जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों को भी अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है।
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।





