रजत मल्होत्रा
संभल/बहजोई- जनपद संभल में जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत बड़ी कार्रवाई की है। डीएम ने कलेक्ट्रेट में तैनात जिला भूमि व्यवस्था सहायक (DLRC) प्रशस्त गुप्ता को गंभीर आरोपों में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मामला बहजोई थाना क्षेत्र के आनंदपुर गांव का है, जहाँ एक निजी भूमि पर बाउंड्रीवाल को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा था। आरोप है कि कलेक्ट्रेट में तैनात DLRC प्रशस्त गुप्ता ने इस निजी विवाद में अपने सरकारी पद और जिलाधिकारी कार्यालय के नाम का दुरुपयोग किया। उन्होंने खुद को डीएम कार्यालय से जुड़ा बताकर दबाव बनाने की कोशिश की।
इस प्रकरण से जुड़ी शिकायतें और एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद मामला जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के संज्ञान में आया।
डीएम ने कराई गोपनीय जांच, रिपोर्ट में फंसे DLRC
डीएम खंडेलवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम चंदौसी को स्थलीय जांच के आदेश दिए। एसडीएम ने गांव में जाकर दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए और मौके का निरीक्षण किया। एसडीएम द्वारा सौंपी गई जांच आख्या में DLRC पर लगे पद के दुरुपयोग के आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए गए।
जांच रिपोर्ट सामने आते ही डीएम ने सख्त कार्रवाई करते हुए प्रशस्त गुप्ता के निलंबन आदेश जारी कर दिए। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के आदेश भी दिए हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान प्रशस्त गुप्ता को गुन्नौर तहसील से संबद्ध किया गया है और बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। इस पूरे प्रकरण की विस्तृत और निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी एक डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।
प्रशासन का संदेश साफ
इस कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। जिलाधिकारी के इस एक्शन से साफ संदेश गया है कि सरकारी पद का निजी कार्यों में दुरुपयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।






