बरेली। थाना बारादरी क्षेत्र से एक नाबालिग किशोरी के लापता होने का मामला सामने आया है। किशोरी के परिजनों का आरोप है कि मुरादाबाद निवासी एक युवक ने सोशल मीडिया के जरिए उससे संपर्क बढ़ाया और बाद में उसे बहला-फुसलाकर अपने पास बुलाया। परिजनों का कहना है कि किशोरी के मोबाइल की जांच के दौरान युवक के साथ लंबी चैट मिली, जिसमें मुलाकात और मुरादाबाद आने से संबंधित बातचीत होने का दावा किया गया है। परिजनों ने पुलिस से किशोरी की जल्द बरामदगी और मामले में नामजद कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों के मुताबिक किशोरी की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म स्नैपचैट के जरिए मुरादाबाद निवासी जीशान नामक युवक से बातचीत शुरू हुई थी। उनका आरोप है कि युवक ने किशोरी को अपने विश्वास में लिया और उससे लगातार बातचीत करता रहा। परिवार का कहना है कि किशोरी के मोबाइल में दोनों के बीच हुई चैट मौजूद है, जिसमें कथित तौर पर कई तरह के वादे और मिलने की बातें लिखी हुई हैं।
किशोरी के पिता के मुताबिक उनकी बेटी 14 अगस्त को अचानक घर से लापता हो गई। परिवार ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद जब उसके मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी खंगाली गई तो जीशान नाम सामने आया। परिजनों का दावा है कि चैट में किशोरी को मुरादाबाद बुलाने की बात भी सामने आई।
परिवार का कहना है कि उन्होंने इस जानकारी से थाना बारादरी पुलिस को अवगत कराया। इसके बाद पुलिस परिजनों के साथ मुरादाबाद गई और संबंधित युवक से पूछताछ की गई। परिजनों का दावा है कि पूछताछ के दौरान युवक ने किशोरी के मुरादाबाद आने और उससे मुलाकात होने की बात स्वीकार की। हालांकि किशोरी कहां गई और फिलहाल किस स्थिति में है, इस संबंध में परिवार को अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।
परिजनों का आरोप है कि युवक से जुड़ी जानकारी और चैट उपलब्ध कराने के बावजूद पुलिस ने मुकदमा अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया। परिवार का कहना है कि यदि उनके द्वारा बताए गए युवक से प्रभावी तरीके से पूछताछ की जाए और मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया चैट तथा सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाए तो किशोरी के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
परिजनों ने यह भी दावा किया है कि उनके पास एक सीसीटीवी फुटेज मौजूद है, जिसमें किशोरी के साथ कुछ युवक और एक युवती जाते दिखाई दे रहे हैं। परिवार के मुताबिक फुटेज में लगभग पांच युवक और एक युवती नजर आ रहे हैं। हालांकि इस फुटेज की स्वतंत्र पुष्टि और उसमें दिख रहे लोगों की पहचान पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
किशोरी के पिता ने गंभीर आरोप लगाते हुए आशंका जताई है कि इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। परिवार ने इसे किसी संगठित गिरोह से जोड़ने का भी दावा किया है, लेकिन इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका के बारे में निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
परिजनों का यह भी आरोप है कि जब वे बेटी की बरामदगी के संबंध में जानकारी लेने थाना बारादरी जाते हैं तो उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता। परिवार ने पुलिस पर कथित रूप से दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है। इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है।
किशोरी के परिजनों ने अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाते हुए मांग की है कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जाए और उनकी बेटी को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद किया जाए।
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल किशोरी की सुरक्षित बरामदगी का है। परिजनों के आरोपों, सोशल मीडिया चैट, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित युवक की भूमिका की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।






