यूपी के बाँदा जनपद में पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में मासिक SJPU एवं जनपदीय बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न स्टेक होल्डर्स की बैठक को लेकर आज अपर पुलिस अधीक्षक बांदा शिवराज की अध्यक्षता में पुलिस लाइन में विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) के तत्वाधान में बाल विवाह, किशोर अपराधों/हिंसा व महिला सम्बन्धी अपराधों आदि की प्रभावी रोकथाम के संबंध में मासिक समीक्षा बैठक की गई है । इस दौरान गुमशुदा बच्चों को खोजने तथा उनकी सूचना समय से CCTNS एवं वात्सल्य पोर्टल में फीडबैक के साथ अपडेट किए जाने हेतु निर्देशित किया गया । बरामद बालिकाओं के नियमानुसार आंतरिक चिकित्सीय परीक्षण कराए जाने की प्रक्रिया को विस्तार से बताया गया एवं आने वाली समस्याओं का भी समाधान किया गया । महिला पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अपराध से पीड़ित होने की स्थिति में आवश्यकता अनुसार काउंसलिंग कराते हुए आंतरिक चिकित्सीय परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए । पीड़िता के धारा 180 BNSS के अंतर्गत बयान केवल महिला उपनिरीक्षक या उससे ऊपर के अधिकारी द्वारा ही दर्ज किए जाएं । पीड़िता द्वारा दिए गए बयानों की पुष्टि कॉल रिकॉर्ड तथा परिजनों के बयानों से भी की जाए । पीड़िता जितने दिन बाहर रही, कहाँ-कहाँ रही, किसके साथ रही तथा उसके साथ क्या अपराध हुआ,इन सभी तथ्यों से संबंधित पर्याप्त एवं सुसंगत साक्ष्य संकलन किए जाने हेतु विवेचकों को निर्देशित किया गया । ऐसी बालिकाएं जो चार माह से अधिक समय से बरामद नहीं हुई हैं, उनके मामलों में उनके लैंगिक शोषण की संभावना मानते हुए विवेचना में AHTU द्वारा कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए गए । साथ ही पीड़ित बच्चों की गोपनीयता बनाए रखते हुए उन्हें बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत कर उनके संरक्षण, देखरेख एवं पुनर्वास को सुनिश्चित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। इस समीक्षा बैठक पर (cmo) सहित जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी गण मौजूद रहे।
रिपोर्ट- रामू तिवारी (बाँदा)







