कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चुनाव आयोग के हालिया फैसले पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि शिवसेना और NCP के बाद अब TMC के मामले में भी राजनीतिक दल और उसके चुनाव चिन्ह को लेकर एक जैसा घटनाक्रम सामने आया है।
दरअसल, चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में होने वाले उपचुनाव को लेकर TMC के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों को फिलहाल पार्टी के नाम ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और उसके आरक्षित चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल करने से रोक दिया है। आयोग के मुताबिक दोनों गुट पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का दावा कर रहे हैं और इस विवाद पर अंतिम फैसला अभी बाकी है। अंतरिम व्यवस्था के तहत दोनों पक्षों से वैकल्पिक नाम और चुनाव चिन्ह के विकल्प मांगे गए हैं।
इसी फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि “वोट चोरी, सरकार चोरी, अब पार्टी चोरी” लोकतांत्रिक गिरावट के प्रतीक बन गए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग का काम जनता के जनादेश की रक्षा करना है। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था दोनों गुटों को समान अवसर देने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए अंतरिम तौर पर लागू की गई है।






