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अवैध उर्वरक विक्रय पर कृषि विभाग की सख्त कार्रवाई, फर्म के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज

झालावाड़ से ब्यूरो चीफ आसिफ शेरवानी की रिपोर्ट

झालावाड़, 17 अक्टूबर। रबी फसल बुवाई सीजन के दौरान जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध डायवर्जन एवं वितरण में अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए कृषि विभाग द्वारा निगरानी एवं कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसी क्रम में कृषि विभाग की टीम ने डग एवं चौमहला क्षेत्र में खाद-बीज विक्रेताओं के विक्रय परिसरों एवं गोदामों का सघन निरीक्षण कर उर्वरकों के स्टॉक की जांच की।

कृषि विस्तार संयुक्त निदेशक डॉ. नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में किसानों को निर्धारित दरों पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्टॉक, वितरण व्यवस्था एवं अभिलेखों के संधारण की नियमित जांच की जा रही है। अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अवैध उर्वरक विक्रय पर फर्म के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज

डग एवं चौमहला क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान मैसर्स अवन्तिका एंटरप्राइजेज, दूधालिया के विरुद्ध गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। फर्म द्वारा अवैध रूप से उर्वरक विक्रय करने, समुचित रिकॉर्ड के बिना उर्वरक वितरण करने, पॉस मशीन में फर्जी विक्रय प्रविष्टियां करने तथा प्राधिकार पत्र में दर्ज ‘ओ’ फॉर्म के बिना उर्वरक विक्रय करने जैसी अनियमितताएं पाई गईं। इसके अतिरिक्त 20.25 मीट्रिक टन नीम कोटेड यूरिया के विक्रय में भी अनियमितताएं सामने आईं। इस संबंध में संबंधित फर्म के विरुद्ध पुलिस थाना दूधालिया में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है।

उर्वरकों के साथ अन्य उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे विक्रेता

कृषि विभाग द्वारा जिले के समस्त उर्वरक विक्रेताओं, सहकारी समितियों, उर्वरक कंपनियों, निर्माताओं एवं संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि किसानों को उर्वरक खरीद के साथ अन्य उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाए। किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराए जाएं तथा बिक्री के दौरान कोई अनुचित शर्त नहीं लगाई जाए।

विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाकर जमाखोरी, कालाबाजारी, यूरिया के अवैध डायवर्जन, उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग एवं अन्य अनियमितताओं पर निगरानी रखी जा रही है। ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

चार विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित

जांच के दौरान मूल्य सूची एवं भौतिक स्टॉक का प्रदर्शन नहीं करने, किसानों को विक्रय बिल नहीं देने, स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं करने, भारत सरकार द्वारा निर्धारित दरों से अधिक मूल्य पर उर्वरक बेचने तथा पॉस मशीन के स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में अंतर जैसी कमियां पाए जाने पर चार विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इनमें किसान कृषि सेवा केंद्र, सोलंकी कृषि सेवा केंद्र, श्री निकुंज एग्रो एसोसिएट्स एवं श्रीजी ट्रेडर्स, डग शामिल हैं।

जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता

कृषि विभाग के अनुसार वर्तमान में जिले में उर्वरकों का उपलब्ध स्टॉक इस प्रकार है—

  • यूरिया – 13,549 मीट्रिक टन
  • डीएपी – 3,934 मीट्रिक टन
  • एनपीके – 4,254 मीट्रिक टन
  • एसएसपी – 17,498 मीट्रिक टन

तिलहन एवं दलहनी फसलों के लिए सिंगल सुपर फास्फेट उपयोगी

उन्होंने बताया कि तिलहनी एवं दलहनी फसलों के लिए तीन बैग सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) के साथ एक बैग यूरिया का मिश्रण उपयोगी है। उन्होंने बताया कि एक बैग डीएपी की तुलना में तीन बैग सिंगल सुपर फास्फेट एवं एक बैग यूरिया के मिश्रण से नाइट्रोजन, फास्फोरस, सल्फर, जिंक एवं कैल्शियम की बेहतर उपलब्धता होती है। इसके साथ ही इसमें मौजूद कैल्शियम मृदा सुधारक के रूप में भी कार्य करता है।

उन्होंने बताया कि सिंगल सुपर फास्फेट के उपयोग से सोयाबीन, सरसों, तिल एवं अलसी जैसी तिलहनी फसलों तथा मूंग, उड़द, चना, अरहर, मसूर एवं मटर जैसी दलहनी फसलों में प्रोटीन उत्पादन एवं उपज में वृद्धि में मदद मिलती है। किसानों को मृदा एवं फसल की आवश्यकता के अनुसार संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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