एक साल तक संबंध बनाने और अश्लील वीडियो तैयार करने का आरोप; शादी की बात पर मारपीट, जातिसूचक शब्द कहने और जेवर-नकदी छीनने की शिकायत
बरेली। आंवला थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर एक युवती का कथित तौर पर करीब एक साल तक यौन शोषण करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी अब्बास और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। प्रकरण इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि सूत्रों के अनुसार पीड़िता स्वयं पुलिस विभाग में कार्यरत बताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
शादी का भरोसा देकर संबंध बनाने का आरोप
पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसकी पहचान अब्बास नाम के युवक से हुई थी। बातचीत बढ़ने के बाद आरोपी ने उससे शादी करने का भरोसा दिलाया। पीड़िता का आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने करीब एक साल तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने पीड़िता के अश्लील वीडियो भी बनाए। पीड़िता को उम्मीद थी कि आरोपी उससे शादी करेगा, लेकिन समय बीतने के साथ कथित तौर पर उसका रवैया बदलने लगा। जब पीड़िता ने शादी करने की बात कही और उस पर वादा पूरा करने का दबाव बनाया तो विवाद शुरू हो गया।
शादी की बात पर मारपीट का भी आरोप
शिकायत में पीड़िता ने आरोपी के परिवार के सदस्यों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि शादी की बात को लेकर हुए विवाद के दौरान उसके साथ मारपीट की गई। साथ ही उसे जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित करने का भी आरोप लगाया गया है।
इतना ही नहीं, पीड़िता ने अपनी नकदी और जेवर छीन लिए जाने की बात भी शिकायत में कही है। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने अब्बास के साथ उसके परिवार के संबंधित सदस्यों को भी मुकदमे में आरोपी बनाया है। आरोपों की सत्यता अब पुलिस विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।
क्या पुलिस महकमे में कार्यरत है पीड़िता?
इस पूरे प्रकरण में एक और पहलू चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों के मुताबिक पीड़िता पुलिस महकमे में ही कार्यरत बताई जा रही है। सूत्रों का दावा है कि उसकी तैनाती पहले आंवला थाने में रही और बाद में वह बरेली महिला थाने में भी तैनात रही है।
हालांकि, इस जानकारी की अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस विभाग की ओर से पीड़िता के विभाग में कार्यरत होने अथवा उसकी वर्तमान तैनाती को लेकर कोई आधिकारिक बयान या बाइट सामने नहीं आई है। इसलिए इस दावे को फिलहाल सूत्रों से मिली जानकारी के रूप में ही देखा जा रहा है।
सूत्र यह भी बता रहे हैं कि पीड़िता पिछले कुछ समय से छुट्टी पर चल रही है। इस संबंध में भी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
FIR के बाद पुलिस ने शुरू की विवेचना
पीड़िता की शिकायत मिलने के बाद आंवला पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब विवेचना के दौरान पीड़िता के बयान, आरोपी पक्ष का पक्ष, मोबाइल फोन से जुड़े संभावित डिजिटल साक्ष्य और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों से संबंधित सबूतों की जांच अहम होगी।
कथित अश्लील वीडियो बनाए जाने के आरोप की भी जांच की जाएगी। इसके साथ ही मारपीट, जातिसूचक टिप्पणी तथा नकदी और जेवर छीनने के आरोपों से संबंधित साक्ष्यों को भी विवेचना में परखा जाएगा।
फिलहाल यह मामला पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों और दर्ज मुकदमे पर आधारित है। आरोपों की अंतिम सत्यता न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस विवेचना के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और तहरीर तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।






