नई दिल्ली/कलबुर्गी: चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। 3 अक्टूबर को कर्नाटक के कलबुर्गी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान खरगे ने देश में हुए चुनावों को लेकर गंभीर सवाल उठाए और लोकसभा तथा सभी राज्य विधानसभाओं को भंग कर नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की।
खरगे ने आरोप लगाया कि मौजूदा चुनाव प्रक्रिया में EVM के कथित दुरुपयोग और मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों के कारण चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी आधार पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पदों को भी अपने बयान में ‘गैरकानूनी’ बताया। यह खरगे का राजनीतिक आरोप है; उपलब्ध रिपोर्टों में इसे किसी न्यायिक फैसले के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
बैलेट पेपर से चुनाव की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश में नए सिरे से चुनाव कराए जाने चाहिए और इसके लिए EVM की जगह बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि चुनावी व्यवस्था में जनता का भरोसा बहाल करने के लिए मतदान प्रक्रिया में बदलाव जरूरी है।
SIR पर भी उठाए सवाल
खरगे ने मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर भी आपत्ति जताई। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम हटाए जाने से निष्पक्ष चुनाव पर असर पड़ सकता है। कांग्रेस और INDIA ब्लॉक पहले भी SIR की प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता नाम हटाने से पहले उचित सूचना और अपील का प्रभावी मौका देने जैसी मांगें उठा चुके हैं।
खरगे ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर अपना आंदोलन जारी रखेगा। उन्होंने 6 अक्टूबर को दिल्ली में विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग तक मार्च का भी जिक्र किया और कहा कि आने वाले दिनों में अलग-अलग राज्यों में भी प्रदर्शन किए जाएंगे।
फिलहाल खरगे की मांगों पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। उनके बयान ने एक बार फिर EVM, SIR और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चल रही सियासी बहस को केंद्र में ला दिया है।





