कानपुर में अखिलेश दुबे विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। भाजपा के प्रदेश संयोजक रवि सतीजा ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि तत्कालीन डीजीपी प्रशांत कुमार ने खुद बताया था कि एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश अखिलेश दुबे की मदद कर रहे हैं। उन्होंने मुझे कहा था कि “अमिताभ यश से मिलिए और उन्हें समझाइए।” रवि ने आगे बताया कि अखिलेश दुबे की बेटी आंचल दुबे खुले तौर पर कहती हैं — “IPS अमिताभ यश मेरे अंकल हैं, उनके रहते मेरे पापा का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”बुधवार को कानपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रवि सतीजा और प्रज्ञा त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि अखिलेश दुबे के खिलाफ कार्रवाई पिछले दो महीनों से ठप है। रवि का कहना है कि उन्होंने खुद अमिताभ यश को दुबे के अपराधों की जानकारी दी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने निराशा जताई कि अब उन्हें न्याय की उम्मीद नहीं रही, इसलिए उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और महिला आयोग को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग की है।मोर्चा की सदस्य प्रज्ञा त्रिवेदी ने कहा कि अगर अखिलेश दुबे जैसे अपराधी को सजा नहीं मिलती, तो यह साबित होगा कि देश में महिला सशक्तिकरण सिर्फ दिखावा है। उन्होंने कहा कि एसआईटी द्वारा जांचे जा रहे 52 मामलों में अब तक किसी में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। प्रज्ञा ने दावा किया कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और अब उन्हें IPS अमिताभ यश से भी खतरा महसूस हो रहा है। भाजपा नेता मनोज सिंह ने भी चेताया कि कानपुर के कई पार्कों और प्लॉट्स पर अखिलेश दुबे का कब्जा है, और अगर हालात ऐसे ही रहे, तो एक दिन ग्रीन पार्क भी उसकी गिरफ्त में हो सकता है।






