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सिडकुल IT Park भूमि आवंटन में ₹4,000 करोड़ का संभावित घोटाला?—अधिवक्ता अभिनव थापर ने लगाए गंभीर आरोप….

देहरादून, 27 नवंबर 2025 | कांग्रेस मुख्यालय

देहरादून के सहस्रधारा रोड पर स्थित उत्तराखंड के सबसे बड़े IT Park की करीब 98.5 एकड़ सरकारी भूमि, जिसकी कीमत लगभग ₹4,000 करोड़ बताई जाती है, उसके आवंटन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और अधिवक्ता अभिनव थापर ने आज प्रेस वार्ता कर इस पूरी प्रक्रिया में बड़े घोटाले की आशंका जताई और दावा किया कि सिडकुल दो साल से महत्वपूर्ण दस्तावेज़ छिपा रहा है।


RTI के बाद भी 2 साल तक कोई जानकारी नहीं

थापर ने बताया कि उन्होंने 2023 में RTI डालकर भूमि आवंटन से जुड़े सभी दस्तावेज़—फाइलें, नोटशीट, स्वीकृति आदेश और सभी रिकॉर्ड—मांगे थे।
लेकिन दो साल गुजर गए, न तो जानकारी दी गई और न ही किसी तरह की जांच हुई।

यहां तक कि 23 अप्रैल 2024 को फर्स्ट अपील के दौरान यह साफ कह दिया गया कि अगर फाइलें उपलब्ध नहीं हैं तो कानूनी कार्रवाई यानी FIR दर्ज की जाए। इसके बावजूद न FIR हुई और न ही दस्तावेज़ मिले।

30 मई 2024 और 31 मई 2025 के पत्रों में सिडकुल ने आधिकारिक रूप से लिख दिया कि IT Park आवंटन से संबंधित फाइलें विभाग में मौजूद ही नहीं हैं


मुख्य सूचना आयुक्त का आदेश भी अनसुना—और फिर अचानक “मिल गई” फाइल

फाइलों का न मिलना जब लगातार जारी रहा तो मामला मुख्य सूचना आयुक्त तक पहुंचा। सुनवाई में सिडकुल ने फिर दोहराया कि:

“PMC – M/s Feedback Ventures Pvt. Ltd. के चयन प्रक्रिया से जुड़ी फाइल हमारे पास नहीं है।”

इस पर 05 अगस्त 2025 को आयोग ने सिडकुल को FIR दर्ज करने का आदेश दिया।
और हैरानी की बात यह रही कि FIR के आदेश के तुरंत बाद
वही फाइल, जिसे दो साल से “UNTRACEABLE” बताया जा रहा था,
अचानक TRACE हो गई।

इसके बाद 16 सितंबर 2025 को जारी अंतिम आदेश में आयोग ने निर्देश दिया था कि सभी दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां निशुल्क उपलब्ध कराई जाएं—but आज तक यह आदेश भी लागू नहीं किया गया।


“जनता की ₹4,000 करोड़ की जमीन—गलत तरीके से बांटने की कोशिश”

थापर ने आरोप लगाया कि इस बहुमूल्य जमीन के आवंटन में भारी अनियमितताएं हैं और कुछ कंपनियों को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाने के संकेत लगातार मिलते रहे हैं।

उनके शब्दों में—
“यह जनता की संपत्ति है। इसे गलत तरीके से बांटने की कोशिश की जा रही है। दो साल से दस्तावेज़ छुपाए जा रहे हैं, ताकि सच्चाई बाहर न आए। यह प्रदेश के संसाधनों की खुली लूट है, और हम इसके खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे।”


उच्च स्तरीय जांच और क्रिमिनल FIR की मांग

अभिनव थापर ने मांग की कि—

  • जिन अधिकारियों ने सूचना आयुक्त के आदेशों की अवहेलना की,
  • जिन्होंने दस्तावेज़ छुपाए,
  • और जिन्होंने जानबूझकर फाइलों को “गुम” बताया—

उन सभी के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच बैठाई जाए और क्रिमिनल FIR दर्ज हो।

उन्होंने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर आर्थिक अपराध है। कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के सामने बड़े स्तर पर उठाने जा रही है।


प्रेस वार्ता में मौजूद नेता

प्रेस वार्ता में अभिनव थापर के साथ मौजूद थे—

  • कर्नल रामरतन नेगी (अध्यक्ष, सैनिक प्रकोष्ठ — उत्तराखंड कांग्रेस)
  • पार्षद कोमल वोहरा
  • शीशपाल बिष्ट
  • मोहन काला
  • अरुण बलूनी
  • तथा अन्य कांग्रेसजन

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