Home / National / आयुष मालिक धर्मांतरण मामले में नया मोड़ आयुष बोले अपनी मर्जी से इस्लाम अपनाया अब पत्नी के साथ रहना चाहता हूं कोर्ट ने दी…

आयुष मालिक धर्मांतरण मामले में नया मोड़ आयुष बोले अपनी मर्जी से इस्लाम अपनाया अब पत्नी के साथ रहना चाहता हूं कोर्ट ने दी…

‘चांदनी से निकाह अपनी मर्जी से किया’, हाईकोर्ट में आयुष मलिक के बयान से धर्मांतरण मामले में नया मोड़

शामली: आयुष मलिक से जुड़े धर्मांतरण मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। अदालत के सामने पेश किए गए आयुष मलिक ने कहा कि उसने अपनी इच्छा से धर्मांतरण किया था और इस दौरान उस पर किसी तरह का दबाव, भय या जबरदस्ती नहीं थी। आयुष ने चांदनी कुरैशी से निकाह को भी अपनी मर्जी से किया जाना बताया।

बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आयुष की कथित हिरासत के मामले को देखा। अदालत के आदेश के अनुपालन में आयुष मलिक को कोर्ट के सामने पेश किया गया। जस्टिस संदीप जैन की सिंगल बेंच के समक्ष आयुष ने अपना पक्ष रखा।

अदालत के सामने आयुष ने स्पष्ट किया कि उसने अपनी इच्छा से धर्मांतरण किया है। उसने यह भी कहा कि धर्मांतरण के दौरान उसके ऊपर किसी प्रकार का दबाव, डर या जबरदस्ती नहीं थी। चांदनी कुरैशी के साथ निकाह को लेकर भी आयुष ने कहा कि यह फैसला उसने अपनी मर्जी से लिया।

आयुष के बयान के बाद अदालत ने उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को ध्यान में रखते हुए उसे अपनी इच्छा के अनुसार रहने की अनुमति दी। कोर्ट ने उसे अपनी पसंद का धर्म चुनने और अपनी मर्जी के मुताबिक जीवन जीने की स्वतंत्रता भी दी।

पिता की शिकायत के बाद दर्ज हुई थी FIR

यह मामला आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक की शिकायत के बाद सामने आया था। छह जून को देवराज मलिक ने शामली शहर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने आयुष को प्रेम जाल में फंसाकर उसका धर्मांतरण कराया।

शिकायत में धर्मांतरण के पीछे संपत्ति हड़पने के उद्देश्य का भी आरोप लगाया गया था। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी और तीन मौलवियों समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

FIR दर्ज होने के अगले दिन, सात जून को पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में 24 जुलाई को शामली के कैराना स्थित जिला न्यायालय से दोनों को जमानत मिल गई थी।

बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के जरिए हाईकोर्ट पहुंचा मामला

इसके बाद मामले में एक और घटनाक्रम सामने आया। आयुष मलिक के दोस्त सुल्तान कारी की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की गई।

याचिका में आरोप लगाया गया था कि आयुष को उसके पिता देवराज मलिक ने अवैध रूप से अपने पास रखा हुआ है। साथ ही जिला प्रशासन की मदद से उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता प्रभावित किए जाने का भी दावा किया गया था।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने नौ सितंबर के आदेश में आयुष मलिक और उसके पिता देवराज मलिक को अदालत के सामने पेश करने का निर्देश दिया था। इसी आदेश के तहत आयुष को हाईकोर्ट में पेश किया गया।

कोर्ट में आयुष ने खुद रखा अपना पक्ष

अदालत में पेश होने के बाद आयुष मलिक ने अपने बयान में कहा कि उसने अपनी इच्छा से धर्मांतरण किया है। उसने इस बात से इनकार किया कि उस पर धर्मांतरण के लिए किसी तरह का दबाव, भय या जबरदस्ती थी।

चांदनी कुरैशी से निकाह को लेकर भी आयुष ने अदालत के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट की। उसके मुताबिक, उसने चांदनी से अपनी मर्जी से निकाह किया है।

आयुष के बयान के बाद अदालत ने उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को ध्यान में रखते हुए उसे अपनी इच्छा के अनुसार रहने की अनुमति दी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपनी पसंद का धर्म चुन सकता है और अपनी इच्छा के मुताबिक जीवन जी सकता है।

इस सुनवाई के साथ बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में आयुष की कथित हिरासत और उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े पहलू पर अदालत के सामने उसका खुद का पक्ष दर्ज हुआ।

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