अमेरिकी एआई कंपनी ओपनएआई पर एक बार फिर मुश्किलें बढ़ गई हैं। कैलिफोर्निया की अदालत में कंपनी के खिलाफ सात मुकदमे दायर किए गए हैं। आरोप है कि ChatGPT ने यूजर्स को मानसिक रूप से भ्रमित कर, आत्महत्या के लिए प्रेरित किया और भावनात्मक नुकसान पहुंचाया। मुकदमे के अनुसार, 17 साल के अमाउरी लेसी नाम के युवक ने चैटजीपीटी से मदद मांगी थी, लेकिन इसके जवाबों ने उसे और ज्यादा डिप्रेशन में डाल दिया। आरोप है कि चैटजीपीटी ने उसे खतरनाक सलाह दी, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली। वकीलों का कहना है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि ओपनएआई और उसके सीईओ सैम ऑल्टमैन के जल्दबाजी में GPT-4o लॉन्च करने का नतीजा है।

इसी तरह, कनाडा के एलन ब्रूक्स ने भी दावा किया है कि लंबे समय तक चैटजीपीटी का इस्तेमाल करने के बाद, इसे अपडेट किया गया और उसने उनके मानसिक संतुलन को बिगाड़ दिया, जिससे उन्हें भावनात्मक और आर्थिक नुकसान हुआ। पीड़ित पक्ष की ओर से वकील मैथ्यू पी. बर्गमैन ने कहा कि GPT-4o को इस तरह डिजाइन किया गया कि वह यूजर्स के साथ भावनात्मक जुड़ाव बना सके, लेकिन जरूरी सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज किया गया। अब अदालत में यह तय होगा कि क्या ओपनएआई इन आरोपों की जिम्मेदारी से बच पाएगा या नहीं।ओपनएआई ने इस मामले पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
रिपोर्ट : ज्योति नौटियाल






