भुता पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में 20 मोबाइल, 44 बैंक कार्ड, 30 चेकबुक, 25 पासबुक और फर्जी दस्तावेज बरामद; डिजिटल कॉइन के जरिए मोटे मुनाफे का लालच देकर लोगों को फंसाने का आरोप, बड़े साइबर नेटवर्क की जांच तेज
राहुल पटेल (बरेली)
बरेली। ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल कॉइन के जरिए मोटे मुनाफे का लालच देकर कथित साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भुता पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 4 लाख 97 हजार 800 रुपये नकद, 20 मोबाइल फोन, 44 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, 30 चेकबुक, 25 बैंक पासबुक और बड़ी संख्या में संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी पहचान पत्रों और बैंक खातों का इस्तेमाल कर ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छह आरोपियों को दबोचा
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि चार नवंबर को भुता थाना पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से ऑनलाइन गेमिंग के जरिए साइबर ठगी करने वाले कुछ लोगों के संबंध में सूचना मिली।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम खटेली से अटकोना पुलिया की ओर जाने वाले रास्ते पर घेराबंदी कर छह संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, मोबाइल फोन, बैंकिंग उपकरण और दस्तावेज मिलने पर पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ब्रजेश (27), हरीश सिंह (25), सुमेर (25), आकाश (37), विपुल कुमार सिंह (21) और पिंटू (23) के रूप में हुई है। सभी आरोपी थाना भुता क्षेत्र के ग्राम खटेली के निवासी बताए गए हैं।
बरामदगी देखकर पुलिस भी हैरान, बैंकिंग दस्तावेजों का मिला जखीरा
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4,97,800 रुपये नकद, 20 मोबाइल फोन, 44 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, 30 चेकबुक और 25 बैंक पासबुक बरामद की हैं।
इसके अतिरिक्त एक ड्राइविंग लाइसेंस, एक वोटर आईडी, पांच पैन कार्ड, सात आधार कार्ड, दो बैंक स्टेटमेंट, पीली धातु के छह बिस्कुट, एक थंब स्कैनर, एक एमक्यूआर मशीन और जमीन से संबंधित 18 दस्तावेज भी मिले हैं।
इतनी बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज मिलने के बाद पुलिस अब संबंधित खातों, खाताधारकों और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।
डिजिटल कॉइन के जरिए चलता था कथित ठगी का खेल
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल कर ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए लोगों को अधिक मुनाफा कमाने का लालच देते थे।
आरोपी कथित तौर पर एक व्यक्ति से रुपये देकर डिजिटल कॉइन खरीदते थे। इसके बाद इन कॉइन के जरिए गेमिंग में लाभ दिलाने का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। बाद में डिजिटल कॉइन बेचकर अवैध कमाई करने की बात सामने आई है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि डिजिटल कॉइन की खरीद-बिक्री किन माध्यमों से होती थी और इससे जुड़े वित्तीय लेनदेन का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है।
हजारों लोगों से जुड़े नेटवर्क का दावा, मास्टरमाइंड की तलाश
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर एक ऐसे व्यक्ति का जिक्र किया है, जिसके नेटवर्क से हजारों लोगों के जुड़े होने की बात कही गई है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि और नेटवर्क के वास्तविक आकार का पता लगाना अभी बाकी है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरोह के तार अन्य जिलों या राज्यों से जुड़े हैं या नहीं। बरामद मोबाइल फोन और बैंकिंग रिकॉर्ड से नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा की निगरानी में कार्रवाई
इस पूरे मामले में भुता थाना पुलिस और एसओजी बरेली की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। अभियान में कुल दस पुलिसकर्मी शामिल रहे।
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध थाना भुता में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के साथ अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतने बैंक कार्ड, पासबुक और फर्जी पहचान पत्रों के सहारे यह कथित नेटवर्क कब से संचालित हो रहा था और इसके जरिए कितने लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया? पुलिस की विस्तृत जांच में इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है।






