लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ शहर में निकली भव्य पदयात्रा, 40 हजार लोगों के शामिल होने का दावा; धर्मपाल सिंह और सुरेश खन्ना समेत कई दिग्गज नेता मौजूद
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में मंगलवार को भाजपा का बड़ा राजनीतिक जमावड़ा देखने को मिल रहा है। केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बरेली पहुंचे। उनके आगमन के साथ ही शहर का राजनीतिक माहौल गरमा गया। इस दौरान प्रदेश सरकार के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, मंत्री सुरेश खन्ना समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
बरेली पहुंचने के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बीएल एग्रो ग्रुप के चेयरमैन घनश्याम खंडेलवाल से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान नेताओं ने घनश्याम खंडेलवाल के साथ भोजन भी किया। इस मुलाकात के दौरान कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया।
‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे से गूंजा बरेली
दूसरी ओर शहर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ भाजपा की भव्य पदयात्रा निकाली जा रही है। पदयात्रा को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। आयोजकों की ओर से इस कार्यक्रम में करीब 40 हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है।
पदयात्रा में बरेली-ब्रज क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधि शामिल हैं। प्रेमनगर थाना क्षेत्र से निकली इस पदयात्रा में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी देखने को मिल रही है।
शहर में भारी भीड़, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पदयात्रा को लेकर शहर में भारी भीड़ जुटी हुई है। कार्यक्रम की व्यापकता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया है और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने के लिए भी पुलिसकर्मी मुस्तैद हैं।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों की मौजूदगी से बरेली का यह कार्यक्रम राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा इस पदयात्रा के माध्यम से बरेली और ब्रज क्षेत्र में अपनी संगठनात्मक ताकत और जनसमर्थन का प्रदर्शन कर रही है। फिलहाल शहर में पदयात्रा को लेकर राजनीतिक सरगर्मी और समर्थकों का उत्साह चरम पर है।






