मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देश में सियासी बहस लगातार तेज होती जा रही है। अब इस मुद्दे पर NDA के सहयोगी दलों की ओर से भी चुनाव आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठी है। चिराग पासवान के बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने भी SIR को लेकर सामने आई खबरों पर चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण देने की मांग की है।
दरअसल, SIR से जुड़े फैसलों को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेद की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर रिकॉर्ड में आपत्तियां दर्ज की थीं। हालांकि, चुनाव आयोग के सूत्रों ने इन टिप्पणियों को सामान्य विचार-विमर्श का हिस्सा बताया है और कहा है कि किसी भी अंतिम फैसले के खिलाफ औपचारिक असहमति दर्ज नहीं की गई।
इसी बीच NDA के सहयोगी नेताओं की ओर से स्पष्टीकरण की मांग ने इस पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया है। चिराग पासवान ने कहा कि सामने आई रिपोर्ट के बाद पैदा हुई शंकाओं को दूर किया जाना चाहिए, जबकि उपेंद्र कुशवाहा ने भी आयोग से भ्रम की स्थिति स्पष्ट करने की बात कही है।
चुनाव आयोग का कहना है कि तीन सदस्यीय आयोग में किसी मुद्दे पर सवाल उठाना, टिप्पणी करना या स्पष्टीकरण मांगना निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है। आयोग के अनुसार, अंतिम आदेशों पर तीनों सदस्यों के हस्ताक्षर हैं और किसी औपचारिक डिसेंट की स्थिति सामने नहीं आई है।
SIR को लेकर अब राजनीतिक दलों के बीच बहस के साथ-साथ चुनाव आयोग की प्रक्रिया और पारदर्शिता पर भी चर्चा हो रही है। आने वाले दिनों में आयोग की ओर से इस मुद्दे पर और स्पष्टीकरण सामने आने की संभावना है।






