लोकेशन – समस्तीपुर
रिपोर्ट – नवनीत कुमार झा
स्लग – 357 पानी की टंकियों की सफाई पूरी, 795 टैंकों पर चला विशेष अभियान
स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों और कार्यस्थलों पर स्वच्छ पेयजल व्यवस्था को लेकर समस्तीपुर मंडल की पहल
समस्तीपुर । यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं हाइजीनिक पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों और विभिन्न कार्यस्थलों पर पेयजल व्यवस्था की समीक्षा के साथ पानी के भंडारण टैंकों की सफाई, डिसइंफेक्शन और पानी की गुणवत्ता की निगरानी की जा रही है।
मंडल के अनुसार, अभियान के तहत चिन्हित 795 ओवरहेड, अंडरग्राउंड और पीवीसी पानी की टंकियों में से 357 टंकियों की सफाई एवं डिसइंफेक्शन का कार्य पूरा किया जा चुका है। शेष टंकियों की सफाई का काम भी तेजी से पूरा कराने के लिए नियमित निगरानी की जा रही है।
समस्तीपुर में ऑटोमैटिक क्लोरीनीकरण प्लांट
पेयजल की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए समस्तीपुर स्टेशन पर ऑटोमैटिक क्लोरीनीकरण प्लांट पहले से स्थापित है। मंडल के अन्य स्थानों पर भी ऐसे प्लांट लगाने का प्रस्ताव है। वहीं दौरम मधेपुरा स्टेशन पर आयरन रिमूवल प्लांट कार्यरत है, जबकि सहरसा और बनमनखी स्टेशनों पर इसे स्थापित करने का प्रस्ताव है।
पांच स्टेशनों पर बनेंगे 50 हजार गैलन क्षमता के आरसीसी टैंक
स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को मजबूत करने के लिए मंडल के सुपौल, सरायगढ़, सिमरी बख्तियारपुर, ललितग्राम और सहरसा स्टेशनों पर 50 हजार गैलन क्षमता वाले पांच नए आरसीसी वाटर टैंक के निर्माण को मंजूरी दी गई है।
रेलवे बोर्ड के निर्देशों के तहत चलाए जा रहे इस अभियान में पानी के स्रोत से लेकर नल तक उसकी गुणवत्ता का आकलन किया जा रहा है। जहां पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए फिल्ट्रेशन या अतिरिक्त ट्रीटमेंट की आवश्यकता सामने आ रही है, वहां आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।
अभियान में रेलवे कॉलोनियों और कार्यस्थलों को भी शामिल किया गया है। संबंधित स्थानों पर कमियों की पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों द्वारा अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग की जा रही है।
पूर्व मध्य रेल का कहना है कि यात्रियों एवं रेलकर्मियों को सुरक्षित, स्वच्छ और भरोसेमंद पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मंडल में लगातार निगरानी, नियमित रखरखाव और आवश्यकता के अनुसार समयबद्ध सुधारात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।






